
मिशन शक्ति को नई उड़ान: लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, ग्रामीण महिला उद्यमिता को तकनीक से जोड़ने की पहल
मिशन शक्ति को नई उड़ान: लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, ग्रामीण महिला उद्यमिता को तकनीक से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन शक्ति’ और महिला स्वावलंबन के विजन को सशक्त आधार देते हुए लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और बाजार की समझ से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना रहा।
तकनीक से उद्यमिता तक का सफर
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें सरकारी संस्थानों, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और महिला उद्यमियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को डिजिटल टूल्स, नवाचारी तकनीकों और बिजनेस मॉडल के बारे में जानकारी दी गई, ताकि वे अपने छोटे-स्तरीय व्यवसायों को लाभकारी स्टार्टअप में परिवर्तित कर सकें।
तकनीक से उद्यमिता तक का सफर
कार्यक्रम में अत्याधुनिक ग्रामीण तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने महिला उद्यमियों का खासा ध्यान आकर्षित किया।
सरदार पटेल संस्थान द्वारा विकसित बायोमास कुकस्टोव और सोलर फ्रिज, RuKart का बिना बिजली चलने वाला सब्जी कूलर, किसान धरमबीर की मल्टी-पर्पज फूड प्रोसेसिंग मशीनें और आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से तैयार सोलर हाइड्रो डिस्टिलर जैसी तकनीकों ने ग्रामीण आजीविका के नए रास्ते दिखाए।
“लखपति से करोड़पति बनाना है लक्ष्य”
आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने महिला उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाएं इस मिशन से जुड़ चुकी हैं और अब अगला लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदियां बनाना है।
संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं की सफलता अब TAP-RISE जैसे राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पहचान पा रही है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सामाजिक उद्यमिता, मार्केट लिंकेज और आत्मनिर्भरता के व्यावहारिक पहलुओं पर भी मार्गदर्शन दिया।
