
बी सीजन 2025: कुशीनगर में नकली खाद बनाने वाली इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई, दो गिरफ्तार
बी सीजन 2025 के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुशीनगर कृषि विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जिले में अवैध रूप से संचालित नकली उर्वरक निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर उन्हें सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिससे नकली खाद के काले कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
नकली पोटाश और जिंक बनाने का भंडाफोड़
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर रामधाम–विशुनपुरा मार्ग पर छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि वहां अवैध रूप से नकली पोटाश तैयार किया जा रहा था। इस मामले में अजीत कुमार मिश्र के खिलाफ थाना खड्डा में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
इससे पूर्व कृषि विभाग ने नकली जिंक बनाने वाली एक अन्य अवैध इकाई पर भी कार्रवाई की थी। इस प्रकरण में अजय कुमार गुप्ता, निवासी राजपुर बगहा, के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे भी जेल भेजा जा चुका है। विभाग ने दोनों इकाइयों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
उर्वरक की उपलब्धता पर कड़ी निगरानी
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को आईपीएल कंपनी की लगभग 500 मीट्रिक टन यूरिया और 228 मीट्रिक टन पोटाश की रैक जिले में प्राप्त हुई है।
उप कृषि निदेशक और उनकी टीम लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रही है, ताकि किसानों को निर्धारित मूल्य पर समय से खाद उपलब्ध हो सके और कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके।
कड़ी चेतावनी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि अपमिश्रित या नकली उर्वरक के निर्माण और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA/रासुका) जैसी कठोर धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध खाद की सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें।
