
लखनऊ : बसपा के तत्कालीन महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर को अभी जेल में ही रहना होगा। शुक्रवार यानी आज भी दोनों की जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब 27 जनवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई होगी। बता दें, बीते बुधवार को एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष जज ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की। इस दौरान सरकारी अधिवक्ता मनीष बाबू यादव ने न्यायालय में सरकार का पक्ष रखने के लिए दो दिन के समय की मांग की। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई शुक्रवार को नियत की थी। भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं पर अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में 22 जुलाई 2016 को हजरतगंज कोतवाली में एफआइआर दर्ज की गई थी। इस मामले में हजरतगंज पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
इसके बाद कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। कई बार आदेश के बावजूद आरोपित नसीमुद्दीन सिद्दीकी और रामअचल राजभर कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। इसपर न्यायालय ने दोनों को भगौड़ा घोषित कर दिया था। सोमवार को दोनों आरोपित न्यायालय में हाजिर नहीं हुए, जिसपर कोर्ट ने दोनों की संपत्ति की कुर्की के आदेश दे दिए। बीते मंगलवार को दोनों ने संपत्ति की कुर्की होने से बचाने के लिए न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी दी थी। इस पर कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने के निर्देश दिए थे। बुधवार को आरोपितों की जमानत पर सुनवाई होनी थी, लेकिन सरकारी अधिवक्ता ने पक्ष रखने के लिए समय की मांग की।