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उत्तर प्रदेश में गाइड प्रशिक्षण को नई दिशा, वाराणसी और कन्नौज में भी जल्द शुरू होंगी कक्षाएं

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उत्तर प्रदेश में गाइड प्रशिक्षण को नई दिशा, वाराणसी और कन्नौज में भी जल्द शुरू होंगी कक्षाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अधीन संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) द्वारा राज्य भर के युवाओं और इच्छुक प्रतिभागियों के लिए गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन लोगों को व्यावसायिक रूप से तैयार करने के लिए तैयार किया गया है, जो पर्यटन क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाता है, जबकि अंतिम परीक्षा एमकेआईटीएम के लखनऊ स्थित परिसर में आयोजित होती है। आवेदन की सूचना समाचार पत्रों और संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती है। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को एमकेआईटीएम द्वारा प्रमाण पत्र के साथ गाइड लाइसेंस प्रदान किया जाता है, जो उन्हें उत्तर प्रदेश में अधिकृत गाइड के रूप में कार्य करने का अवसर देता है।ब तक नैमिषारण्य, अयोध्या और आगरा जैसे पर्यटन स्थलों के प्रतिभागियों के लिए यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। इसके अतिरिक्त, कृष्ण-ब्रज सर्किट, बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट जैसे विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों के लिए भी विशेष गाइड प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। अब इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए एमकेआईटीएम जल्द ही वाराणसी और कन्नौज के लिए भी कक्षाएं प्रारंभ करने जा रहा है, जिससे राज्य के और अधिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित गाइड्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।यह कार्यक्रम केवल स्थलीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक दृष्टिकोण से तैयार किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, सर्किटों और सांस्कृतिक विविधताओं की जानकारी देने के साथ-साथ गाइडिंग स्किल्स, पर्यटक शिष्टाचार, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, सार्वजनिक भाषण एवं प्रस्तुतीकरण जैसे पहलुओं पर भी प्रशिक्षित किया जाता है। इसके अलावा, भाषा दक्षता, प्राथमिक चिकित्सा (सीपीआर सहित), डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया और पर्यावरणीय जागरूकता जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। पर्यावरणीय पहलुओं में जैव विविधता, प्रदूषण, पारिस्थितिक तंत्र, वैश्विक तापमान वृद्धि और संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया जाता है।उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस कार्यक्रम को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए कहा कि गाइड हमारे सांस्कृतिक दूत होते हैं, जो प्रदेश के इतिहास, परंपरा और आतिथ्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि एमकेआईटीएम के माध्यम से चलाए जा रहे यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश को पेशेवर, साक्षर और संवेदनशील गाइड्स देने की दिशा में एक अहम कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन क्षेत्र युवाओं के लिए न केवल रोजगार बल्कि गर्व का माध्यम भी बने।एमकेआईटीएम द्वारा संचालित यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में पर्यटन सेवाओं के स्तर को सुधारने और राज्य को पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी आगामी बैचों और पंजीकरण से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए एमकेआईटीएम की आधिकारिक वेबसाइट पर विज़िट कर|

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