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आयतुल्लाह खामनेई की शहादत की खबर से पुराने शहर में ग़म की लहर

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पुराने शहर में गूंजे अमरीका-इजरायल मुर्दाबाद के नारे

लखनऊ आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की शहादत की खबर मिलते ही शियों में ग़म की लहर दौड़ है। पुराने शहर में लोग सडकों पर निकल आये और एक दूसरे से उनकी शहादत की खबर का जिक्र करते नज़र आये। खबर की पुष्टि होते ही लोगों की आंखों से जारो कतार आंसू जारी हो गए। लोगों ने अपने इलाकों काले झड़े और खामनेई के बैनर व उनकी होल्डिंग लगाई। यहां तक लोगों ने खुश रंग लिबास उतार कर काले लिबास पहन लिए। विभिन्न इलाकों से लोगों की टोलियां रोजा होने के बावजूद हाथों में काले झंडे और अयातुल्लाह खामनेई के फोटो लिए अमेरिका और इसराइल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए दोपहर में छोटा इमामबाड़ा पहुंचे। छोटे इमामबाड़े पहुंचकर सब लोग बड़े इमामबाड़े जुलूस की शक्ल में पहुँचे।

जिसमें लोग लबबैक या ख़ामेनेई और अमेरिका -इजरायल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे लोग नारा लगा रहे थे अमेरिका मुर्दाबाद, इसराइल मुर्दाबाद तो कोई यह नारा लगा रहा था एक से बढ़कर एक जलील अमेरिका और इजरायल इस जुलूस में लोगों की आंखों से आंसू भी जारी हो रहे थे हर कोई अयातुल्लाह खामनेई को याद करके रो रहा था।

जुलूस में तमाम उलमा के साथ हजारों पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। आयतुल्लाह खामनेई की शहादत के गम में पुराने शहर के कई इलाकों में ताजियती जलसे आयोजित किए गए। नक्खास स्थित अवध प्वाइंट पर में मौलाना यासूब अब्बास के नेतृत्व में तजियती जलसे का आयोजन किया गया इसमें बड़ी तादाद में लोगों ने शिकायत की। वही इमामबाड़ा नाजिम साहब बजाजा में मौलाना सैफ अब्बास के नेतृत्व में जलसा आयोजित किया गया।

पुराने शहर में बंद रही दुकानें

पुराने शहर में आयतुल्लाह खामनेई की शहादत के गम में पुराने शहर के तमाम इलाकों में लोगों ने अपनी दुकान बंद रखी। आज नक्खास की बाजार थी उसके बावजूद बाजार में सन्नाटा नज़र आये। बाजार के साथ साथ फुटपाथ की भी दुकान बंद थी।

खामनेई की शहादत के गम हर आंख थी अश्कबार

आयतुल्लाह ख़ामनेई की शहादत की खबर सुनते ही पुरुष हो या महिलाएं सब के सब जारो कतार रो रहे थे यहां तक लोग मोबाइल पर शहादत की खबर सुनते ही रोने लगते थे। यह दर्दनाक खबर सुनकर बच्चे भी रो रहे थे। खामनेई वह शख्सियत थे जो हर दिल में बसते थे। लोग ग़मगीन आवाज से लोगों को उनकी शहादत की खबर दे रहे थे आयतुल्लाह ख़ामनेई वो शख्सियत थे कि उनकी मोहब्बत में लोग रोज़ा होने के बाद भी अमरीका और इजरायल के खिलाफ हुए छोटे इमामबाड़े से बड़े इमामबाड़े तक हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन में धूप होने के बावजूद शामिल हुए।

अमेरिका और इजराइल की पूरी दुनिया को निंदा करनी चाहिए: मौलाना सैफ अब्बास

मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले को एक आतंकवादी हमला करार दिया है। मौलाना ने कहा कि आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत रंग लाएगी और अमेरिका तथा इजराइल को हार का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि शहीद का खून कभी ज़ाया नहीं होता।मौलाना ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने पूरी खाड़ी को युद्ध में झोंक दिया है, जिसके परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ेंगे। हजारों मील दूर से अमेरिकी सेनाएँ खाड़ी में पहुँचकर जिस तरह से पूरी दुनिया के माहौल को बिगाड़ रही हैं

उससे अमेरिका और इजराइल की आतंकवाद नीति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। इसलिए, पूरी दुनिया को अमेरिका और इजराइल की निंदा करनी चाहिए, क्योंकि आयतुल्लाह खामेनेई केवल ईरान के नेता नहीं थे, बल्कि वे दुनिया भर के हर मजलूम और कमजोर की आवाज बुलंद करते थे। आज न केवल ईरानी कौम अनाथ हुई है, बल्कि हर मजलूम और हर कमजोर अनाथ हो गया है।

मौलाना यासूब अब्बास

लखनऊ। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी दुनिया के शिया मुसलमानों के लिए गहरा आघात बताया है। उन्होंने आयतुल्लाह खामेनेई को “शहीद” करार देते हुए कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि इस्लामी दुनिया के नेतृत्व पर सीधा हमला है।

मौलाना ने आरोप लगाया कि आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत में संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि विश्व के शीर्ष शिया नेता की हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया और मध्य-पूर्व में अस्थिरता फैलाना है उन्होंने विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को क्षेत्र में अशांति और हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया। मौलाना ने कहा कि इन नेताओं की नीतियों के कारण पश्चिम एशिया लगातार युद्ध और तनाव की आग में जल रहा है।


मौलाना ने पवित्र माह रमज़ान में ईरान पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अमेरिका और इज़राइल ने एक मुस्लिम देश पर हमला कर न केवल आयतुल्लाह खामेनेई की हत्या की, बल्कि सौ से अधिक निर्दोष स्कूली बच्चियों को भी मार डाला। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।इस घटना के विरोध में मौलाना यासूब अब्बास के नेतृत्व में ऐतिहासिक छोटा इमामबाड़ा पर अमेरिका, इज़राइल, सऊदी अरब और यूएई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर वाली तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया और अमेरिका, इज़राइल, सऊदी अरब व यूएई, नारेबाजी की। मौलाना ने कहा कि जिस प्रकार कर्बला में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के जरिए यज़ीद इस्लाम को मिटाना चाहता था, लेकिन इमाम हुसैन की कुर्बानी ने इस्लाम को और अधिक मजबूत कर दिया।

उसी तरह आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत भी ईरान और शिया समुदाय को कमजोर नहीं करेगी, बल्कि और अधिक संगठित व सशक्त बनाएगी उन्होंने कहा कि अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगी देश सऊदी अरब व यूएई, ईरान को कमजोर करना चाहते हैं, किंतु वे अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं होंगे। मौलाना ने विश्वास जताया कि ईरान इस संकट से और अधिक मजबूती के साथ उभरेगा। मौलाना ने आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत पर तीन दिन के शोक का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों की छतों पर काले झंडे फहराएं और शोक के प्रतीक के रूप में काले कपड़े पहनें।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि लखनऊ के ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा को अगले तीन दिनों तक पर्यटकों के लिए बंद रखा जाएगा। मौलाना ने कहा कि यह समय शोक और एकजुटता प्रदर्शित करने का है, ताकि दुनिया को यह संदेश दिया जा सके कि शिया समुदाय अपने नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ा है।

आयतुल्लाह खामनेई मौलाए काएनात के तरीक़े पर जिये:शाइस्ता अम्बर

ऑल इंडिया मुस्लिम वुमेन पर्सनल लॉ बोर्ड की राष्ट्रीय अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली ख़ामेनेई की शहादत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हज़रत ख़ामेनेई इस्लाम की सच्ची शिक्षा,मौलाए काएनात के तरीक़े पर जिये इमाम हुसैन (अ.स) की तरह ज़ुल्म के ख़िलाफ़ दहाड़ते रहे। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि उनकी शहादत से विश्व की पूरी इमानदार मुस्लिम उम्मत को एक अपूरणीय क्षति हुई है।

दुनिया ने एक सच्चा मुसलमान, मज़हबी रहनुमा, और इंसाफ़ की आवाज़ बुलंद करने वाला धार्मिक नेता को खो दिया है।
शाइस्ता अम्बर ने कहा कि स्वर्गीय ख़ामेनेई ने अपने जीवन में इस्लामी मूल्यों एकता और इंसानियत के संदेश को आगे बढ़ाने का बहादुरी से इन्क़ेलाब लाए। उनका जीवन मुस्लिम समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा उन्होंने दुआ की, कि अल्लाह पाक मरहूम मग़फ़ूर को जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए। और तमाम मानवता वादी लोगों को और मुस्लिम कौम को इस दुख की घड़ी में सब्र-ए-जमील अता करे।

अली खामनेई ने जो काबिल-ए-मुबारकबाद थे:मौलाना इरफान

लखनऊ। क़ाज़ी ए शहर मुफ्ती अबुल इरफ़ान मियां फिरंगी महली ने आयतुल्लाह अली खामेनेई उनसे घर वालो और उनके साथ हुए अन्य शहीदों के प्रति अपने ग़म का इजहार किया। उन्होंने जारी बयान में कहा कि इजरायल फिलिस्तीन में बच्चों और औरतों को कत्ल किया जा रहा था वहां जुल्म ढाए जा रहे थे। जिसका मोर्चा अली खामनेई ने लिया जो काबिल-ए-मुबारकबाद है। उन्होंने कहा कि यज़ीद ने थोड़ी देर कामयाबी हासिल की थी लेकिन वो बर्बाद हुआ। इमाम ख़ामनेई एक ऐसा चिराग थे वो चिराग तो बुझ गया लेकिन जिससे तमाम चिराग रौशन होंगे।

एक खामेनेई मरेगा, हजार खामेनेई ऊपर हैं। हम मांओं ने बेटे जने हैं कुर्बानियां देने के लिए। लानत है अमेरिका और इजराइल पर। लानत बेशुमार। ये यजीदी हैं, ये गद्दार हैं, ये धोखेबाज हैं। इनसे कभी वफा नहीं हो सकती हैं। इनकी नस्लें गद्दार हैं, धोखेबाज हैं डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद पूरे प्रदेश को हाई अलर्ट पर रखा गया है खासकर उन जिलों में जहां शिया समुदाय के लोग ठीक-ठाक संख्या में रहते हैं। इनमें लखनऊ, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ ,अमरोहा , सम्भल,जैसे शहर शामिल हैं। पुलिस को लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है।

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