
1 मोहर्रम को बड़े इमामबाड़े से छोटे इमामबाड़े तक इमाम हुसैन अ.स. की याद मे निकाला जाता है शाही जरी जुलूस।
1 मोहर्रम को बड़े इमामबाड़े से छोटे इमामबाड़े तक इमाम हुसैन अ.स. की याद मे निकाला जाता है जुलूस
1st Moharram Juloos Shahi zari
पुराने लखनऊ के बड़े इमामबाड़े से निकाला गया है शाही ज़री का जुलूस। 1 मोहर्रम को बड़े
इमामबाड़े से छोटे इमामबाड़े तक इमाम हुसैन अ.स. की याद मे निकाला जाता है जुलूबड़े
इमामबाड़े से होकर रूमी गेट, लाजपत नगर, घंटा घर, सतखंडा होते हुए छोटे इमामबाड़े मे संपन्न

होगा जुलूस, जुलूस मे शाही ज़री के साथ ताज़िया, हाथी और ऊंट पर शाही निशान लिए चल रहे लोग।
आगे आगे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की सवारी
(जुलजना) और हज़रत अब्बास अ.स. का अलम भी शामिल। जुलूस के दौरान सलाम और
नौहाख्वानी व सीनाज़नी करते चल रहे अंजुमन के लोग। पुलिस प्रशासन ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
