
Owaisi ने मारी पलटी, Bihar में Modi का देंगे साथ!
इंडिया Live: पटना, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में *NDA* ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है, और उसके तुरंत बाद *AIMIM* प्रमुख *असदुद्दीन ओवैसी* ने एक चौंकाने वाले रुख बदलाव का प्रदर्शन किया है। इस जीत के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी बिहार में *नीतीश कुमार की सरकार को सकारात्मक सहयोग देना जारी रखेगी
ओवैसी ने कहा है कि यह एनडीए की जीत “जनादेश” का परिणाम है, और उन्होंने सीमांचल क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद दिया, जहां AIMIM की पकड़ मजबूत रही है। 1]) उन्होंने भरोसा जताया है कि उनकी पार्टी सीमांचल में स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान देगी, ताकि वहाँ के विकास की दिनचर्या में तेजी आए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM का यह कदम सिर्फ एक दोस्ताना बयान नहीं है, बल्कि यह *रणनीतिक बदलाव* का संकेत है। चुनावों से पहले AIMIM ने महागठबंधन के साथ गठबंधन की संभावनाओं की बात की थी, लेकिन बातचीत आगे बढ़ नहीं पाई। अब चुनाव नतीजों के बाद, उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि वे NDA-शासित बिहार में एक स्थिर और असरदार भूमिका निभाना चाहते हैं, बजाय विपक्ष की लड़ाई में समय बर्बाद करने के।

यह भी देखा जा रहा है कि AIMIM की चुनावी मौजूदगी ने महागठबंधन को खासकर मुस्लिम वोटों के लिहाज से झटका दिया।][4]) ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल की कुछ सीटों पर जीत दर्ज की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी राजनीतिक दावेदारी सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं है — वे केंद्र में सत्ता-संवाद की भूमिका में सक्रिय रहना चाहते हैं।
ओवैसी के इस मोड़ ने बिहार की राजनीति में नई धुरी बना दी है: एक दल जो कभी सिर्फ मुस्लिम बहुल वोटर को प्रतिनिधित्व देने की बात करता था, अब पूरी तरह से राज्य के विकास एजेंडे में खुद को हिस्सेदार मान रहा है। इस समर्थन से नीतीश कुमार की सरकार को राजनीतिक अनुकूलता मिल सकती है, खासकर उन नीतिगत और क्षेत्रीय विकास कार्यक्रमों में जहां AIMIM का वोट बैंक महत्वपूर्ण माना जाता है।