
प्रयागराज: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संगम के त्रिवेणी घाट पर आस्था की डुबकी लगाई. उन्होंने रुद्राक्ष हाथ में ले मंत्रोच्चारण भी किया. पीएम मोदी सुरक्षा घेरे में थे और उन्होंने अकेले ही स्नान किया, कोई गणमान्य व्यक्ति उनके साथ नहीं था. प्रधानमंत्री स्नान के दौरान भगवा वस्त्र पहने हुए दिखाई दिए. गंगा मैया में डूबकी लगाने के बाद उन्होंने भगवान भास्कर को अर्घ्य भी दियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। ‘रुद्राक्ष’ की माला धारण किए और मंत्रों का जाप करते हुए, प्रधानमंत्री ने नदी में खड़े होकर प्रार्थना की। बता दें कि पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) से शुरू हुआ महाकुंभ 2025 दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम है, जो दुनिया भर से भक्तों को आकर्षित करता है। यह 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा।माना जा रहा है कि पीएम की संगम में डुबकी से राजनीतिक हिलोरें भी उठेंगी, जो मिल्कीपुर (अयोध्या) से दिल्ली तक पार्टी के हिंदुत्व व सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को भी काफी कुछ अभिसिंचित कर सकती हैं, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी व आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की संगम से दूरी के भी निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।________________________________________
भाजपा के लिए इस महाकुंभ का महत्व इसलिए भी बहुत अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि जातिगत जनगणना जैसे मुद्दे को लेकर मुखर कांग्रेस, सपा और राजद जैसे दल भाजपा की मुट्ठी से अनुसूचित जाति और ओबीसी वोट खींचना चाहते हैं। भगवा खेमा हिंदुओं को सनातन की डोर से इस तरह बांध देना चाहता है कि उनके बीच जाति का कोई भेद ही उभर न पाए।प्रधानमंत्री महाकुंभ को एकता के महाकुंभ की संज्ञा भी दे चुके हैं। इसके महत्व को राजनीतिक फलक पर भी प्रकाशमय बनाने के लिए न सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों सहित संगम में डुबकी लगाई, बल्कि यहां कैबिनेट की बैठक भी की।
कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक अनवरत यहां आए। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी महाकुंभ में पुण्य स्नान कर चुके हैं।