
तुर्की-चीन के मुद्दे पर प्रमोद तिवारी का हमला, कहा- मोदी सरकार बताए विदेश नीति में दोहरा रवैया क्यों
तुर्की-चीन के मुद्दे पर प्रमोद तिवारी का हमला, कहा- मोदी सरकार बताए विदेश नीति में दोहरा रवैया क्यों
लखनऊ: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर भारत सरकार तुर्की और चीन के खिलाफ स्पष्ट रुख क्यों नहीं अपना रही है। उन्होंने तुर्की से आयात-निर्यात पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।प्रमोद तिवारी ने कहा कि तुर्की द्वारा पाकिस्तान को सौंपे गए हथियारों और मिसाइलों का हाल ही में भारत के विरुद्ध उपयोग हुआ है। ऐसे में केन्द्र सरकार को तुर्की के साथ सभी व्यापारिक संबंध तोड़ने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भाजपा केन्द्र में सत्ता संभाले है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में यह ढील गंभीर चिंता का विषय है।चीन को लेकर भी प्रमोद तिवारी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन पहला देश था जिसने पाकिस्तान के साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने कहा कि चीन पाकिस्तान को सामरिक समर्थन दे रहा है और अरुणाचल प्रदेश जैसे भारत के अभिन्न हिस्सों के नाम बदलने की हिमाकत कर रहा है, इसके बावजूद मोदी सरकार चीन के साथ व्यापारिक रिश्ते क्यों बढ़ा रही है? तिवारी ने तंज कसते हुए कहा, “यदि सरकार की चीन के सामने कोई ‘कोर न दबी’ नहीं है, तो वह वहां से व्यापारिक गतिविधियां फौरन बंद करे।”मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा सेना की एक महिला अधिकारी को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी को उन्होंने असहनीय बताते हुए कहा कि सेना के जाबांज अधिकारी देश की सुरक्षा में फरिश्तों की तरह तैनात रहते हैं। ऐसे अपमानजनक बयानों पर भाजपा नेतृत्व को जवाब देना चाहिए।बिहार में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को उन्होंने भाजपा का “कुत्सित और घृणित” प्रयास बताया और कहा कि भाजपा दलितों, आदिवासियों और युवाओं के हक में राहुल गांधी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। तिवारी ने कहा कि कांग्रेस इस संघर्ष को और मुखर करेगी और एफआईआर के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगी।प्रमोद तिवारी ने प्रदेश में गर्मी के मौसम में हो रही भीषण बिजली कटौती को लेकर भी प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सहालग के समय हो रही बिजली की किल्लत से आमजन बुरी तरह परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर ग्रामीण अंचलों को बिजली संकट से राहत दिलाए।
