
उत्तर प्रदेश: रागिनी सोनकर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में वाराणसी मंडी में हुए कथित ₹3.74 करोड़ के घोटाले का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।

उन्होंने सदन में कहा कि वाराणसी की मंडी समिति में किसानों और व्यापारियों से जुड़े फंड में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। रागिनी सोनकर ने आरोप लगाया कि मंडी शुल्क और विकास कार्यों के लिए आवंटित करोड़ों रुपये का सही इस्तेमाल नहीं हुआ और वित्तीय रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि किसानों का हक सुरक्षित रह सके। विधायक ने यह भी कहा कि मंडी में बुनियादी सुविधाओं की हालत खराब है, जबकि कागजों में विकास कार्य पूरे दिखाए गए हैं। उनके भाषण के दौरान सदन में हंगामा भी देखने को मिला और विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की।

जवाब में सरकार की ओर से जांच का आश्वासन दिया गया और कहा गया कि यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार सिद्ध होता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है और क्षेत्रीय किसानों व व्यापारियों की नजरें आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं