
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में ‘संरक्षा संवाद’ संगोष्ठी आयोजित, ट्रेन संचालन की सुरक्षा पर हुआ विस्तृत विमर्श
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में ‘संरक्षा संवाद’ संगोष्ठी आयोजित, ट्रेन संचालन की सुरक्षा पर हुआ विस्तृत विमर्श
लखनऊ: पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय सभागार में शुक्रवार को ‘संरक्षा संवाद’ संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने की। कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) रजनीश गुप्ता, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. शिल्पी कन्नौजिया समेत विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारी और रेलवे के फ्रंटलाइन स्टाफ उपस्थित रहे।संगोष्ठी में गोरखपुर परिक्षेत्र से जुड़े स्टेशन अधीक्षक, यातायात निरीक्षक, लोको पायलट, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (पीवे, विद्युत, टीआरडी, सिग्नल व दूरसंचार), मेंटेनेंस स्टाफ आदि से संवाद स्थापित किया गया। मंडल रेल प्रबंधक ने ट्रेन संचालन, ट्रैक एवं सिग्नल अनुरक्षण, पावर ब्लॉक लेने की प्रक्रिया, संरक्षा नियमावली के अनुपालन तथा कार्य के दौरान आने वाली व्यवहारिक समस्याओं पर खुलकर चर्चा की।अपने अध्यक्षीय संबोधन में गौरव अग्रवाल ने कहा कि “ट्रेन संचालन के दौरान सभी सुपरवाइजर्स एवं तकनीकी स्टाफ को पूर्ण सतर्कता और जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए। अनुरक्षण कार्य के दौरान ब्लॉक अवश्य लिया जाए तथा किसी भी स्थिति में शॉर्टकट प्रक्रिया से बचा जाए।” उन्होंने गर्मी के मौसम में कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने तथा आगामी मानसून से पहले रेलपथ पर सभी आवश्यक कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।मंडल रेल प्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मियों की नियमित काउंसिलिंग, समन्वय, और संरक्षा मैनुअल के अनुरूप रिफ्रेशर ट्रेनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यस्थल पर सामूहिक संवाद और तकनीकी जागरूकता से दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सकता है।इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय), वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (कोचिंग), वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (ऑपरेशन), मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी), सहायक परिचालन प्रबंधक (कोचिंग), सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी समेत सिग्नल, इंजीनियरिंग, विद्युतकर्षण और यांत्रिक विभाग के संरक्षा सलाहकार, यातायात निरीक्षक और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।यह संगोष्ठी रेलवे के संरक्षा मानकों को मजबूत करने और कर्मचारियों के साथ सतत संवाद बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।
