
प्रदेशभर में भव्यता से मनाया जाएगा सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती का राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह
लखनऊ: उत्तर प्रदेश शासन ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती, 31 अक्टूबर 2025, को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में अत्यंत भव्यता और सम्मानपूर्वक मनाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि सरदार पटेल की जयंती पूरे देश में हर वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह दिन स्वतंत्र भारत के एकीकरण में उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण करने और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने का प्रतीक है।राज्य सरकार ने सभी विभागों, मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय एकता दिवस को गरिमापूर्वक और संगठित रूप में मनाया जाए। इस अवसर पर सभी सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और विभागीय परिसरों में राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूँ कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भरसक प्रयास करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ, जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।”मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस अवसर पर राज्यभर में विभिन्न सांस्कृतिक और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों के विद्यार्थी, अधिकारी एवं नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे। प्रातः 8 बजे प्राथमिक विद्यालयों में प्रभात फेरियां तथा माध्यमिक विद्यालयों में रैलियां आयोजित होंगी।राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस, पीएसी, सेना, होमगार्ड और सिविल डिफेंस बलों की सहभागिता से मार्च पास्ट का आयोजन किया जाएगा। वहीं, सरदार पटेल के व्यक्तित्व और योगदान पर केंद्रित निबंध, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिताएं और नाट्य मंचन भी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में होंगे।सूचना एवं संस्कृति विभाग को निर्देश दिया गया है कि स्थानीय समारोह स्थलों पर सरदार पटेल की जीवन यात्रा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, जबकि पूरे प्रदेश में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही, कारागृहों में भी राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित विशेष कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे।राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य आयोजन जीपीओ पार्क में किया जाएगा, जहां सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इसके बाद पुलिस, पीएसी, सेना, होमगार्ड और सिविल डिफेंस बलों के जवानों द्वारा भव्य मार्च पास्ट निकाला जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।शासन ने कहा है कि समारोह की गरिमा और महत्व को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर भी मर्यादित एवं प्रासंगिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को शामिल किया जाए, जिससे राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रदेश के प्रत्येक कोने तक पहुंच सके।यह भी उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय एकीकरण विभाग द्वारा पहले ही 29 मई 2025 को जारी शासनादेश के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को कार्यक्रम की समय-सारिणी एवं वित्तीय स्वीकृति उपलब्ध करा दी गई है, ताकि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती को पूरे प्रदेश में एकता, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया जा सके।
