
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दबंग भू माफियाओं के खिलाफ अपना अभियान चला रहे हैं. और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर रहे हैं.उसके बाद भी कुछ दबंग भूमाफिया मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.ऐसा ही एक मामला काकोरी के ग्राम सभा दशहरी का सामने आया है. जहां पर भूमाफिया लगभग 100 साल पुराने तालाब पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे है प्राप्त सूचनानुसार 3 बीघा 16 बिस्वा का बहुत बड़ा तालाब है.जो वर्तमान में भी तालाब स्थित है.
जिसमें ग्राम सभा के सभी व्यक्तियों के घर का पानी जाता है वर्तमान खतोनी में राजेंद्र कुमार त्रिपाठी व मित्रा गुप्ता के नाम दर्ज है.उन्होंने पूर्व खातेदार से मिल कर खसरा संख्या 360 474 पुराना फसली 1332 व फसली 1356 फ़सली 1359 में खसरा संख्या 360 में रक़बा 3 बीघा 16 बिस्वा का तालाब के रूप में खतौनी में दर्ज चला आ रहा है.
जिसको मित्रा गुप्ता ने अपने पति प्रदीप गुप्ता के साथ मिलकर कुछ लोगों को धोखा दे कर भूमिधरी दिखाकर. तालाब की भूमि के लगभग 2 बैनामे कर दिए.तथा एक इकरारनामा शेष भूमि का कर दिया है जबकि अधिकतर गांववासी इस तालाब को सरकारी संम्पत्ति मानते हुए तालाब को बचाने का प्रयास कर रहे हैं
ग्रामीणों के साथ साथ गाँव के निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता राम नरेश शर्मा भी तालाब को सुरक्षित करने के पक्ष में हैं.उन्होंने संवाददाता को बताया कि राजेंद्र कुमार त्रिपाठी व मित्रा गुता ने कागजों में हेरफेर करके इसको खरीद लिया.और अब जबरदस्ती दबंगई के जोर पर काम करवा रहा है.

ग्राम वासियों का कहना है कि अगर तालाब पाट दिया जाता है.तो उन सब को परेशानी होगी.प्रदीप कुमार गुप्ता तालाब को पटवा कर उसे समतल कराने का कार्य कर रहा है.तालाब में पानी भरा हुआ है.उसको निकालने के लिए उसने एक बोरिंग भी करा दी है.और बाकायदा जेसीबी लगाकर उसकी मिट्टी निकलवा रहा है
.इस संबंध में गाँव के बी डी सी श्रीकांत और प्रधान पति मनोज यादव भी गाँव वासियों के पक्ष में खड़े नज़र आये.उन्होंने बताया कि राजस्व अधिकारियों को आकर इसका मुआयना करना चाहिए.और सही निर्णय लेना चाहिए.इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता रामन नरेश शर्मा जी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में.लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार को बीते माह अगस्त में सूचित किया था.उस पर कोई कररवाई नहीं हुई.
उसके बाद दुबारा जिलाअधिकारी को 14 सितम्बर को फिर रिमाइंडर देकर अवगत कराया गया.जिस पर उन्होंने उप जिलाधिकारी को आदेश किया था. कि वह वहां जाकर स्वयं जाँच कर अपनी रिपोर्ट दें.उनके आदेश पर भी उप ज़िलाधिकारी ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की.जिसकी वजह से गाँव वासियों में काफ़ी रोष है
बुज़ुर्ग महिला का दर्द छलका पत्रकारों को अपने सामने देख बुज़ुर्ग महिला का दर्द छलका. तालाब पर दबंगो द्वारा अवैध कब्ज़ा की बात सुनकर.बुज़ुर्ग महिला आक्रोषित हो गई.और पत्रकारों के सामने ही वह भू माफियाओं को खरी खोटी सुनाने लगी.