
लखनऊ में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कुछ ही घंटों में किया खुलासा
लखनऊ: थाना पीजीआई क्षेत्र में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में पुलिस ने तेज़ कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी रविवार को कासा ग्रीन अपार्टमेंट के पास से की गई, जहां आरोपी के छिपे होने की सूचना मिली थी। पकड़े गए युवक की पहचान सनी रावत उर्फ पारुल के रूप में हुई है, जो बरौली खलीलाबाद, थाना पीजीआई का निवासी है और मजदूरी का कार्य करता है।23 मई को पीड़िता की मां ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री को सनी रावत बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। इस आधार पर थाना पीजीआई में मुकदमा अपराध संख्या 235/2025 धारा 87/137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस ने मैनुअल सूचनाओं के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेकर छानबीन की और अभियुक्त को 25 मई की सुबह कासा ग्रीन अपार्टमेंट से पहले गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सनी रावत उर्फ पारुल बताया और स्वीकार किया कि वह ही मुकदमे में नामजद अभियुक्त है।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे उसके जुर्म से अवगत कराते हुए हिरासत में ले लिया और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार सिंह के अलावा उपनिरीक्षक प्रभात बालियान, रजित मिश्रा, पवन कुमार तथा कांस्टेबल प्रदीप गुलिया शामिल रहे। पुलिस कमिश्नरेट दक्षिणी ने इस त्वरित कार्रवाई को एक अहम सफलता बताया है और कहा है कि नाबालिगों के प्रति अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
