
धरती उगल रही सोना,कीमती धातु।
वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाले अध्ययन में पाया है कि धरती अपनी कोर से सोना और दूसरी कीमती धातुओं को बाहर उगल रही है। साइंस अलर्ट की रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है कि पृथ्वी का 99.99 प्रतिशत से अधिक सोना और कीमती धातुएं 3000 किमी की ठोस चट्टान के नीचे दबी हुई है। ये बेशकीमती संसाधन 4.5 अरब साल पहले हमारी पृथ्वी के निर्माण के बाद से ही इसके अंदर बंद पड़े हैं। हाल ही में जर्मनी की गॉटिंगन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के दल को अमेरिका के द्वीपीय राज्य हवाई की ज्वालामुखीय चट्टानों के अध्ययन के दौरान ये जानकारी मिली है। इस अध्ययन को नेचर पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन के सह-लेखक प्रोफेसर मैथियास विलबोल्ड ने निष्कर्षों के महत्व पर जोर दिया और कहा, हमारे निष्कर्ष न केवल यह दर्शाते हैं कि पृथ्वी का कोर उतना पृथक नहीं है, जितना पहले माना जाता था। अब हम यह भी साबित कर सकते हैं कि अति-उच्च तापमान वाली मेंटल सामग्री की विशाल मात्रा कोर मेंटल सीमा पर उत्पन्न होती है और पृथ्वी की सतह पर आकर हवाई जैसे महासागरीय द्वीप बनाती है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि पृथ्वी का कोर पहले की तुलना में अब कम अलग-थलग है। ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान कोर सामग्री सतह पर पहुंच रही है। इसने भविष्य में वैज्ञानिक शोधों के लिए नए अवसरों की संभावना बढ़ाई है। शोधकर्ताओं का मानना है कि रूथेनियम आइसोटोप्स कोर-मेंटल संपर्क का अध्ययन करने के लिए एक नए ट्रेसर के रूप में काम कर सकते हैं। स्टडी से यह भी पता चलता है कि दुनिया में खोजा गया कुछ सोना और कीमती धातु असल में पृथ्वी के कोर से पैदा हुई हो सकती है। हालांकि, शोधकर्ता अभी इस बात पर निश्चित नहीं है कि स्टडी में देखा गया कोर से होने वाला लीक पूरे ग्रह पर समान रूप से रहा है या नहीं। लेकिन इसने हमारी पृथ्वी के अंदर की हलचल को लेकर एक नया नजरिया जरूर दिया है।