
लखनऊ में हुई शराबबंदी संघर्ष समिति की बैठक, सामाजिक-राजनीतिक संगठन विस्तार पर हुआ विचार
लखनऊ: आज इंसाफ़ नगर स्थित शराबबंदी संघर्ष समिति (PECT) के कार्यालय में उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों से आए प्रतिनिधियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज पर हो रहे ज़ुल्म और शोषण को रोकने के लिए आवश्यक है कि समाज के लोग स्वयं निस्संकोच, निस्संदेह और निस्स्वार्थ भाव से आगे आकर मज़लूमों (पीड़ितों) के साथ खड़े हों और हर संभव सहयोग करें।बैठक में कहा गया कि गाजीपुर से लेकर गाज़ियाबाद तक शोषण के शिकार लोगों की आवाज़ बुलंद करना, उनके बीच पहुंचना और उन्हें हिम्मत देना ही संगठन का प्रमुख उद्देश्य होगा।निर्णय लिया गया कि संगठन की मज़बूत नींव रखने के लिए राजनीतिक रूप से अनुभवी व्यक्तियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पत्रकारों, यूट्यूबर, शिक्षित महिलाओं तथा संसाधन एवं आर्थिक-शैक्षिक रूप से सक्षम लोगों को मिलाकर 30 सदस्यीय संस्थापक समिति बनाई जाएगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में अनुभव और योग्यता के आधार पर इकाइयाँ गठित की जाएंगी।बैठक में यह भी कहा गया कि यह मंच राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में ईमानदारी व नेकनीयती से काम करने वालों को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।
