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गांवों में राजमिस्त्रियों का प्रशिक्षण बना रोजगार और सशक्तिकरण का जरिया, 45 हजार से अधिक पुरुष और 7 हजार महिला मिस्त्रियों को मिला हुनर

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गांवों में राजमिस्त्रियों का प्रशिक्षण बना रोजगार और सशक्तिकरण का जरिया, 45 हजार से अधिक पुरुष और 7 हजार महिला मिस्त्रियों को मिला हुनर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें और अधिक कुशल, दक्ष और हुनरमंद बनाया जा रहा है। इस प्रशिक्षण से ग्रामीण मिस्त्रियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं और उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत बनाए जा रहे आवासों की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।गांवों के पुरुषों के साथ-साथ अब महिलाएं भी ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में घरों के निर्माण कार्य में हाथ बंटा रही हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पुरुष और महिलाएं सर्टिफिकेशन के बाद न केवल अपने गांवों में बल्कि बड़े निर्माण स्थलों और एजेंसियों में भी काम पा रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर मजदूरी और स्थायी रोजगार का अवसर मिल रहा है। ग्राम्य विकास विभाग का मानना है कि यह पहल ग्रामीण परिवारों के उत्थान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में राजमिस्त्रियों की उपलब्धता से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही यह योजना रोजगार सृजन का भी एक अहम माध्यम है। उन्होंने विशेष रूप से महिला मिस्त्रियों के प्रशिक्षण को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि यह महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत ‘रूरल मेसन ट्रेनिंग’ कार्यक्रम को इसी उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब तक 45 हजार से अधिक पुरुष राजमिस्त्रियों और लगभग 7017 महिला मिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। प्रशिक्षण की प्रक्रिया में ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक लोगों को चिन्हित किया जाता है। जो व्यक्ति पहले से राजगीरी का कार्य करते हैं, उन्हें 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जिन लोगों को मिस्त्री का काम नहीं आता या वे बिल्कुल नए हैं, उन्हें 45 दिन का प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाता है। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के ग्रामीण राजमिस्त्री अर्हता पैक (क्यूपी) के अनुसार दिया जाता है।ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने जानकारी दी कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत अब तक 36.56 लाख आवास आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 36.34 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। यह उपलब्धि लगभग 99.39 प्रतिशत की पूर्णता दर्शाती है, जो इस योजना की सफलता और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण की दिशा में उठाए गए कदमों का प्रमाण है।ग्रामीण राजमिस्त्रियों के प्रशिक्षण की यह पहल न केवल रोजगार और आय का साधन बन रही है, बल्कि यह गांव की महिलाओं को भी नई पहचान और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बना रही है।

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