
यूपी सरकार की बड़ी पहल: निर्माण श्रमिकों के लिए ऑन-साइट इलाज, मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ
न्यूज़ रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने लखनऊ में ‘मोबाइल मेडिकल यूनिट’ का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत अब निर्माण श्रमिकों को इलाज और जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाएं सीधे उनके कार्यस्थल पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ल्ड से मोबाइल हेल्थ यूनिट को रवाना किया गया। इस मौके पर राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी भी उपस्थित रहे। मंत्री ने बताया कि मोबाइल यूनिट के माध्यम से टीबी, एनीमिया, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, नेत्र, श्रवण और मानसिक स्वास्थ्य सहित लगभग 45 प्रकार की जांचें निःशुल्क की जाएंगी। प्रत्येक निर्माण स्थल पर प्रतिदिन न्यूनतम 100 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा, जिससे श्रमिकों के समय और धन दोनों की बचत होगी।
पायलट प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें
प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) डॉ. एम.के. शन्मुगा शुन्दरम ने बताया कि इस योजना को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत 10,000 निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, एसबीआई और इंडियन बैंक की सीएसआर निधि से संचालित की जा रही है। पहले चरण में लखनऊ जनपद के 16 प्रमुख निर्माण स्थलों पर यह सेवाएं दी जाएंगी।
स्वस्थ श्रमिक, सशक्त प्रदेश
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के अंतर्गत वर्तमान में 1.89 करोड़ श्रमिक पंजीकृत हैं। सरकार इन श्रमिकों को प्रदेश के ‘राष्ट्र निर्माता’ मानते हुए उनके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ श्रमिक ही सशक्त प्रदेश की आधारशिला होते हैं और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस प्रयास है।
कार्यक्रम में विशेष सचिव कुणाल शिल्कू, निलेश कुमार, सचिव (BOCW) पूजा यादव, अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव, सहभागी बैंकों के प्रतिनिधि और योलो हेल्थ फाउंडेशन के अधिकारी उपस्थित रहे।
