
ग्राम चौपालों से तेजी से सुलझ रही ग्रामीणों की समस्याएं, डिप्टी सीएम मौर्य की पहल रंग ला रही
लखनऊ, 24 अगस्त: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर शुक्रवार को आयोजित होने वाली ग्राम चौपालें ‘‘गांव की समस्या-गांव में समाधान’’ का मॉडल बनती जा रही हैं। इन चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं का समाधान अपने ही गांव में पा रहे हैं।ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार इस शुक्रवार को प्रदेश की 1298 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालें आयोजित की गईं, जिनमें 3507 प्रकरणों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। इन चौपालों में 3328 ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी और 5751 ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर 62 हजार से अधिक ग्रामीणों ने इसमें सहभागिता की।डबल इंजन सरकार की इस पहल से न केवल ग्रामीणों की व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि सार्वजनिक मुद्दों पर भी ठोस कार्रवाई हो रही है। चौपालों से गांवों में चल रही विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आती है और सोशल सेक्टर की योजनाओं के क्रियान्वयन को भी गति मिल रही है।आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग जी.एस. प्रियदर्शी ने बताया कि लगभग ढाई साल से ग्राम चौपालों का लगातार आयोजन किया जा रहा है। अब तक 1.57 लाख से अधिक चौपालें हो चुकी हैं और 5.46 लाख से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ग्राम चौपालों का आयोजन विधिवत और प्रभावी ढंग से होता रहे। उन्होंने कहा कि चौपाल से पहले गांवों में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी समस्याएं सीधे चौपाल में रख सकें।
