
ओवैसी ने SIR पर मोदी का साथ क्यों दिया!
इंडिया Live: बिहार में मतदान सूची की प्रक्रिया राजनीतिक बवाल में बदल गई है — खासकर महागठबंधन के नेता *राहुल गांधी* और *अखिलेश यादव* के आरोपों के बाद। अखिलेश ने SIR और EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोट मशीन) को अपनी हार की वजह बताते हुए इसे भाजपा की साजिश करार दिया।
लेकिन हैदराबादी सांसद और AIMIM प्रमुख *असदुद्दीन ओवैसी* ने इस बात पर कांग्रेस-सपा जोड़ी को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि SIR और EVM पर लगातार बयानबाजी करना “कमज़ोरी की निशानी” है और राहुल-अखिलेश को अपनी कमजोरियां पहचाननी चाहिए, बजाय इस पर आरोप लगाने के।

ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि AIMIM बिहार की जनता द्वारा मिले जनादेश को स्वीकार करता है और सीमांचल क्षेत्र के विकास के लिए काम करना चाहता]) उन्होंने चुनाव नतीजों के लिए SIR को जिम्मेदार ठहराने वालों को चेतावनी दी कि वे “राजनीतिक गाना” बजाते रहें — और कहा, “मेरा गाना बजाइए, लेकिन इस पर राजनीति बंद करके अपनी ताकत देखो।
ओवैसी का यह रुख रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है: उन्होंने न केवल महागठबंधन की आलोचना की बल्कि सत्ता पक्ष — यानी *मोदी-नज़रिए* — के साथ एक मजबूत पॉलिटिकल बयान भी दिया है। उनकी सलाह यह है कि विपक्ष लगातार “मतदाता सूची सवालों” पर अटके रहकर अपनी असली कमजोरियों से ध्यान भटकाना बंद करे।