
बजट 2026 में किसानों की लॉटरी?
इंडिया Live:यूनियन बजट 2026 को लेकर देशभर में उत्सुकता बढ़ती जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी लोग यह जानना चाहते हैं कि बजट में किस वर्ग और किस सेक्टर को क्या मिलने वाला है। लेकिन इस बार सबसे ज्यादा नजरें देश के करोड़ों किसानों पर टिकी हुई हैं। किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि आने वाला बजट उनके लिए कुछ बड़ी राहत लेकर आएगा।

बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा और उससे पहले ही किसानों की उम्मीदें तेज हो गई हैं। पिछले कुछ सालों में महंगाई लगातार बढ़ी है। खाद, बीज, डीजल, बिजली और मजदूरी की लागत पहले से कहीं ज्यादा हो गई है। ऐसे में खेती करना छोटे और सीमांत किसानों के लिए काफी मुश्किल होता जा रहा है। यही वजह है कि किसान सरकार से आर्थिक मदद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
इस समय पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को साल में 6,000 रुपये की मदद मिलती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। किसानों का कहना है कि जब यह योजना शुरू हुई थी, तब खर्चे कम थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि इस रकम को बढ़ाकर सालाना 10,000 रुपये किया जाए, ताकि खेती के बढ़ते खर्चों को थोड़ा संभाला जा सके।
किसानों का मानना है कि अगर पीएम-किसान योजना की राशि बढ़ाई जाती है, तो इसका सीधा फायदा ग्रामीण इलाकों को मिलेगा। गांवों में पैसा पहुंचेगा, जिससे खरीदारी बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। छोटे किसान खासतौर पर इस मदद पर निर्भर रहते हैं, क्योंकि उनके पास आमदनी के सीमित साधन होते हैं।
देशभर में किसान संगठनों और ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा तेज है कि बजट से पहले सरकार को किसानों की हालत पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कई किसानों को उम्मीद है कि पीएम-किसान योजना की अगली यानी 22वीं किस्त से पहले ही सरकार इस योजना में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। इससे किसानों को मानसिक राहत भी मिलेगी और आर्थिक सहारा भी।
हालांकि बजट में क्या फैसला होगा, यह तो बजट पेश होने के बाद ही साफ होगा। लेकिन इतना तय है कि बढ़ती महंगाई और खेती की लागत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में बजट 2026 से किसान वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि सरकार किसानों की इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है और क्या वाकई इस बार बजट किसानों के लिए खास साबित होता है या नहीं।