
विश्व दिव्यांग दिवस 2025 के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की शारीरिक बनावट उसकी क्षमताओं या लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधा नहीं बनती। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की वास्तविक शक्ति उसके मन, संकल्प और आत्मबल में निहित रहती है, और दिव्यांगजन को थोड़ा सा सहयोग देकर उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय ऋषि परंपरा का उल्लेख करते हुए ऋषि अष्टावक्र और कवि-संत सूरदास का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को यदि बचपन से प्रोत्साहन और समान अवसर मिलें, तो वे समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों का भी उल्लेख किया, जो स्वयं दिव्यांग होकर भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘दिव्यांग’ शब्द के उपयोग ने समाज में सम्मान और संवेदना की नई भाषा स्थापित की है। वर्ष 2014 के बाद से दिव्यांगजन कल्याण में तेजी आई है और योजनाओं का दायरा और बजट दोनों बढ़े हैं।
मुख्य योजनाओं में उल्लेखनीय सुधार:
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पेंशन राशि 300 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हुई
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लाभार्थियों की संख्या 8 लाख से बढ़कर 11 लाख से अधिक
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सरकारी सेवाओं में 4% और शिक्षण संस्थानों में 5% आरक्षण
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कुष्ठावस्था पेंशन 2,500 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपये
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कृत्रिम अंग हेतु अनुदान 10,000 रुपये से बढ़कर 15,000 रुपये
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कॉक्लियर इम्प्लांट पर 6 लाख रुपये की सहायता
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16,23,000 से अधिक यूडीआईडी कार्ड जारी
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सरकारी भवनों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों को बैरियर-फ्री बनाने का कार्य तेज़ी से जारी
प्रदेश में दो दिव्यांगजन विश्वविद्यालय—
डॉ. शकुंतला मिश्रा दिव्यांगजन विश्वविद्यालय और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांगजन विश्वविद्यालय—दिव्यांगजनों की उच्च शिक्षा के लिए समर्पित हैं। 18 मंडलों में बचपन डे-केयर केंद्र संचालित किए जा रहे हैं और अब तक 3,84,000 से अधिक कृत्रिम उपकरण वितरित किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांग कर्मचारियों, खिलाड़ियों और संस्थाओं को सम्मानित किया। उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों से संवाद भी किया और उनके साथ फोटो खिंचवाई।
सम्मानित व्यक्ति:
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सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी: प्रतीक सैनी, विक्रम कुमार, विकास कुमार, मोहम्मद हामिद
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सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता/एजेंसी: रागिनी शाह, केशव जालान
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सर्वश्रेष्ठ जनपद: प्रयागराज
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सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: अजीत सिंह, रिदम शर्मा
