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जैसलमेर भीषण बस हादसा, 21 लोग जिंदा जले!

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जैसलमेर भीषण बस हादसा, 21 लोग जिंदा जले!

India Live:    एक ओर जहां जैसलमेर में स्लीपर बस हादसे ने 20 लोगों की जान ले ली वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जो मौत के मुंह से लौटे। 20 साल का महिपाल सिंह उनमें से एक हैं। रामदेवरा निवासी परीक्षा देकर घर लौट रहा था लेकिन लौटते वक्त भीषण अग्निकांड का शिकार हो गया। उसने एक ऐसा मंजर देखा जिसे शायद वह ताउम्र नहीं भूल पाएगा।

राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। *जैसलमेर-जोधपुर हाईवे* पर चलती एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई, जिससे *20 यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में **एक ही परिवार के 5 सदस्य* भी शामिल हैं। हादसे में घायल *15 से ज्यादा यात्रियों का जोधपुर के अस्पतालों में इलाज* चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।

यह दिल दहला देने वाली घटना *मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे* की है। निजी ट्रैवल कंपनी की एक स्लीपर बस जैसलमेर से जोधपुर की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस से अचानक धुंआ निकलने लगा, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह से आग की चपेट में आ गई। यात्रियों में भगदड़ मच गई, लेकिन आग इतनी तेज़ी से फैली कि *कई लोग बस से बाहर नहीं निकल सके*।

आग की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि *कई शव बस की बॉडी से चिपक गए थे। कुछ यात्री इस कदर जल चुके थे कि **उनकी पहचान कर पाना भी बेहद मुश्किल* हो गया। दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

हादसे के समय बस में *लगभग 57 यात्री सवार थे। बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों ने बताया कि **20 शव बरामद किए गए हैं, जबकि **15 से अधिक घायल* अस्पताल में भर्ती हैं। *एक घायल यात्री ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया*, जिससे मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के लिए *5 लाख रुपये की मुआवजा राशि* की घोषणा की है। साथ ही *घायलों के बेहतर इलाज के लिए विशेष चिकित्सा दल* जोधपुर भेजा गया है। प्रशासन ने *जांच के आदेश* दे दिए हैं और शुरुआती जांच में *बस में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट* की आशंका जताई गई है।

पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम जांच में जुट गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में बस में फायर सेफ्टी उपकरण न होने की बात भी सामने आई है। अगर यह पुष्टि होती है तो *बस कंपनी और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई* की जा सकती है।

यह हादसा न सिर्फ राजस्थान, बल्कि पूरे देश के लिए एक *झकझोर देने वाला पल* है। सोशल मीडिया पर लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए *सड़क सुरक्षा और ट्रैवल कंपनियों की जवाबदेही* को लेकर सवाल उठाए हैं। कई लोगों ने यह मांग की है कि *स्लीपर बसों की समय-समय पर जांच अनिवार्य* की जाए ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

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