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और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

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और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

INDIA LIVE:पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हो गई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल पर 3-3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है। लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि एक्सपर्ट्स इसे सिर्फ शुरुआत बता रहे हैं। यानी आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगा हो सकता है। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम? क्या ईरान युद्ध इसका बड़ा कारण है? और आपकी जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा? अगले 10 मिनट में आपको बताएंगे पूरी रिपोर्ट।

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हालात और बिगड़े, तो कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ेगा, जो अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से आयात करते हैं।
अब बात करते हैं आपकी जेब पर पड़ने वाले असर की। पेट्रोल और डीजल महंगे होने का मतलब सिर्फ गाड़ी चलाना महंगा होना नहीं है। इसका असर खाने-पीने की चीजों, ट्रांसपोर्ट, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा के हर सामान पर पड़ता है। क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ते ही कंपनियां सामान के दाम बढ़ा देती हैं। यानी आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 से 10 रुपये प्रति लीटर तक और बढ़ सकते हैं। फिलहाल तेल कंपनियां नुकसान और वैश्विक दबाव का हवाला दे रही हैं। लेकिन विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले कीमतें कम थीं, तब जनता को राहत क्यों नहीं मिली।
अब जरा समझते हैं कि ईरान युद्ध का असर इतना बड़ा क्यों है। दरअसल, दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में ईरान भी शामिल है। मिडिल ईस्ट में किसी भी तनाव का असर सीधे तेल सप्लाई पर पड़ता है। अगर समुद्री रास्तों में रुकावट आती है, तो तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं। यही वजह है कि दुनियाभर के बाजारों में हलचल मची हुई है।

भारत सरकार फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो आने वाले हफ्तों में जनता को और झटका लग सकता है। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि आने वाला समय आम आदमी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अब सवाल ये है कि क्या सरकार टैक्स में कटौती कर राहत देगी? क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा हिस्सा टैक्स का होता है। अगर केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स कम करें, तो जनता को थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है।
उधर सोशल मीडिया पर भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक आम आदमी महंगाई का बोझ उठाएगा। कई जगहों पर विपक्ष ने प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं।
तो कुल मिलाकर तस्वीर साफ है… पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई ये बढ़ोतरी सिर्फ शुरुआत मानी जा रही है। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते हैं। इसका असर सीधे आपकी जेब और देश की महंगाई पर पड़ेगा।
फिलहाल इस बड़ी खबर में इतना ही। आप क्या सोचते हैं? क्या सरकार को टैक्स घटाकर राहत देनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ। धन्यवाद।

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