
कानपूर का सीओ धनकुबेर ,बरामद 100 करोड़ की अवैध संपत्ति!
कानपुर: यूपी में सहारनपुर के बाद अब कानपुर में पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का मामला सामने आया है। फिलहाल मैनपुरी में तैनात सीओ ऋषिकांत शुक्ला के खिलाफ विजलेंस ने जांच शुरू कर दी है। कानपुर पुलिस की एसआईटी जांच में ऋषिकांत के पास 100 करोड़ रुपये की अकूत और बेनामी संपत्ति होने का दावा किया गया है।
इसके साथ ही उन्हें जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के गिरोह का सदस्य भी बताया गया है। एसआईटी जांच की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है।

वहीं, निलंबित सीओ ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस उपाधीक्षक पद पर प्रोन्नति के बाद बाद भी इन्हें उन्नाव जिले में तैनाती मिली। कानपुर में पिछले दिनों तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के निर्देश पर पुलिस ने रेप के झूठे केस में फंसाकर कर बीजेपी नेता सतीश सतीजा को फंसाने के मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे को जेल भेजा था। जेल में बंद चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे के मददगारों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। इसमें ऋषिकांत शुक्ला जैसे पुलिसकर्मी अकेले नहीं हैं। अखिलेश दुबे ने अपने आसपास खाकी का ऐसा जाल बुना था जिसमें शिकार कितना भी हाथ-पैर मारे फंस ही जाता था। फिलहाल सीओ ऋषिकांत शुक्ला को मिलकर दस पुलिसकर्मी ऐसे हैं जिन्हें चिह्नित करके जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, अभी कई और पुलिस कर्मियों के नाम सामने आने वाले हैं।