
पहली बालिका के जन्म पर एक मुश्त 25 हजार की सावधि जमा, दिव्यांग बालिका के जन्म पर यह धनराशि 50 हजार
पंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु पर उसके परिवार को रुपए 25 हजार की आर्थिक सहायता
अमेठी : सहायक श्रमायुक्त अमेठी अविनाश चन्द्र तिवारी ने उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना में बोर्ड अन्तर्गत पंजीकृत पुरूष निर्माण श्रमिकों को उसकी पत्नी के संस्थागत प्रसवों के लिए 6 हजार रुपये एक मुश्त दिया जाता है। बालक शिशु के जन्म पर पौष्टिक आहार के लिए रू0 20,000 (बीस हजार मात्र) एकमुश्त तथा बालिका शिशु के जन्म पर रू0 25,000 (पचीस हजार मात्र) एकमुश्त प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को संस्थागत प्रसव की दशा में मातृत्व हितलाभ के रूप में उसकी श्रेणी के अनुरूप निर्धारित न्यूनतम वेतन की दर से 03 माह के वेतन के समतुल्य पारिश्रमिक एकमुश्त एक बार में देय होगा तथा चिकित्सा बोनस के रूप में रू0 1,000 (एक हजार मात्र) अलग से दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त परिवार में पहली बालिका के जन्म होने पर एकमुश्त धनराशि रू0 25,000 (पचीस हजार मात्र) बतौर सावधि जमा के रूप में देय होगा , यदि जन्मी बालिका दिव्यांग हो तो यह धनराशि रू0 50,000 (पचास हजार मात्र) बतौर सावधि जमा जो 18 वर्ष के लिए होगी
कन्या विवाह सहायता योजना के अन्तर्गत ऐसे सभी महिला / पुरूष निर्माण श्रमिक जो बोर्ड के अद्यतन विधिवत पंजीकृत सदस्य हैं, उनकी पुत्री की विवाह के लिए रू0 55,000 (पचपन हजार मात्र) एकमुश्त तथा अन्तर्राजीय विवाह करने पर 61,000 (इकसठ हजार मात्र) एकमुश्त प्रदान की जाती है। साथ ही महिला श्रमिकों के स्वयं अपना विवाह करने के लिए यह धनराशि प्रदान की जाती है। शर्त यह है कि पंजीयन 01 वर्ष पुराना होना चाहिए तथा कन्या की आयु विवाह की तिथि को 18 वर्ष व वर की आयु 21 से कम न हो
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अधिकतम 2 संतान को कक्षा 1 से उच्चतर शिक्षा के लिए विभिन्न शर्तों के अधीन छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। छात्रवृत्ति के लिए 50 प्रतिशत छात्र उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि कक्षा 01-05 तक रू0 150 कक्षा 06-10 तक रू0 200 कक्षा 11-12 तक रू0 250, स्नातक हेतु रू0 1,000 व स्नातकोत्तर हेतु रू0 2,000 प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त इंजीनियरिंग व मेडिकल के स्नातकोत्तर डिग्री के लिए रू0 8,000 अथवा किसी विषय के अनुसंधान हेतु रू0 12,000 /- प्रतिमाह की दर से प्रदान किया जाता है। इसी योजना के अन्तर्गत पंजीकृत श्रमिकों की कक्षा 10 वी व 12 वी उत्तीर्ण बालिकाओं के अगली कक्षा में प्रवेशित एवं शिक्षारत होने पर उनके विद्यालय आने जाने के लिए लेडीज साइकिल प्रदान की जाती है
मेधावी छात्र पुरस्कार योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के प्रोत्साहन के लिए कक्षा 05 से उच्चतर शिक्षा हेतु उनकी मेरिट के आधार पर कक्षावार विभिन्न प्रकार रू0 4,000 से लेकर रू0 22,000 तक की छात्रवृत्ति अनुमन्य है। लेकिन शर्त यह है कि छात्र द्वारा प्रत्येक कक्षा में 60 प्रतिशत अंक तथा अगली कक्षा में प्रवेश का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कामगार अन्तेष्टि सहायता योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार को रू0 25000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है
उन्होंने बताया कि निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना अंतर्गत दुर्घटना से मृत्यु होने पर रुपए 500000/- सामान्य मृत्यु पर रुपए 200000/- स्थाई अपंगता पर रुपए 300000/- एवं आंशिक अपंगता पर रुपए 200000/- की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है तथा श्रमिक के पंजीकृत ना होने की दशा में कार्यस्थल पर मृत्यु हो जाने पर रुपए 50000/- की आर्थिक सहायता दी जाती है।