
लोकतंत्र और संविधान बचाने का संकल्प: सपा विधायकों की बैठक में अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला
लखनऊ: समाजवादी पार्टी मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में मंगलवार को पार्टी के विधायकों, विधान परिषद और विधानसभा सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की।
बैठक में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा एसआईआर के माध्यम से साजिश रच रही है और उसकी मंशा पात्र मतदाताओं विशेषकर समाजवादी पार्टी के समर्थकों को मतदान से किसी भी तरह वंचित करने की है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची संशोधन अभियान को गंभीरता से लें और नए मतदाता बनाने के कार्य में पूरी सक्रियता के साथ जुट जाएं।अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी की है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता के बीच समाजवादी सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाएं और अपने व्यवहार, भाषा और काम से ऐसा वातावरण बनाएं कि जनता को समाजवादी नीतियों पर विश्वास हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का चुनाव है। अगर लोकतंत्र और संविधान सुरक्षित रहेंगे, तभी आरक्षण भी बचेगा और पिछड़ों, दलितों तथा अल्पसंख्यकों को उनका हक और सम्मान मिलेगा।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश को जंगलराज में बदल दिया है। कानून का राज खत्म हो चुका है, अपराध बढ़ रहे हैं और जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई ने आमजन की कमर तोड़ दी है, जबकि जीएसटी ने व्यापारियों को संकट में डाल दिया है। महिलाएं और बच्चियां लगातार उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चौपट है और प्रदेश में विकास ठप्प पड़ा है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में जब भाजपा की सरकार जाएगी, तभी प्रदेश में खुशहाली, विकास और न्याय लौटेगा। किसान, नौजवान और व्यापारी तभी राहत की सांस लेंगे और भ्रष्टाचार से मुक्ति संभव होगी।उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला जाकर समाजवादी विचारधारा को फैलाएं और जनता को यह समझाएं कि समाजवादी पार्टी ही वह शक्ति है जो लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा कर सकती है।
