
लखनऊ में ठंड से बचाव की तैयारी तेज:DM ने रैन बसेरे सही करने के निर्देश दिए!
LUCKNOW NEWS:: लखनऊ में शीतलहर के संभावित प्रभावों को देखते हुए जिला प्रशासन ने अग्रिम तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में रैन बसेरों की स्थिति, शीतलहर से बचाव की तैयारियों और गोवंश संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्थायी और अस्थाई रैन बसेरों को तत्काल प्रभाव से मरम्मत कर चालू स्थिति में लाया जाए।
रैन बसेरे में कंबल, गद्दे और प्रकाश व्यवस्था के आदेश
बैठक में जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा- शहरी क्षेत्रों में स्थित सभी स्थायी और अस्थाई रैन बसेरों को शीघ्र क्रियाशील बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक रैन बसेरे में बेड, गद्दे, कंबल, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं और पुरुषों के ठहरने की अलग-अलग व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
पीओ डूडा ने जानकारी दी कि फिलहाल डूडा के अंतर्गत 8 रैन बसेरे संचालित हैं, जबकि नगर क्षेत्र में 25 स्थायी क्रियाशील और 40 अस्थाई रैन बसेरे प्रस्तावित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी स्थलों पर केयरटेकर का नाम और मोबाइल नंबर के साथ स्पष्ट साइनेज लगाया जाए।
अस्पताल परिसरों के रैन बसेरों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में बने रैन बसेरों की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी सीएमएस को निर्देश दिया कि अस्पतालों में रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में कंबल, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि रात में वालंटियर्स की तैनाती की जाए, जो मरीजों के तीमारदारों को रैन बसेरों तक पहुंचाने में सहायता करें।
नगर आयुक्त ने बताया कि स्थाई रैन बसेरों के रेनोवेशन कार्य जारी हैं, जबकि अस्थाई रैन बसेरों की स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों और ईओ नगर पंचायतों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर रैन बसेरों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराएं।
बस अड्डों और यातायात स्थलों पर भी रैन बसेरे होंगे सक्रिय
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रमुख बस अड्डों और यातायात स्थलों पर यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित रैन बसेरों को पूर्ण रूप से तैयार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्थानों पर लोकेशन साइनेज, पीए सिस्टम और ठहरने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।इस संबंध में उन्होंने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को परिवहन निगम (आरएम रोडवेज) को आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए कहा।
अलाव की व्यवस्था के आदेश
शीतलहर से सिर्फ मानव ही नहीं, पशुधन की सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकता में रही। जिलाधिकारी विशाख जी ने मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि गौशालाओं और गौ आश्रय स्थलों पर ठंड से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गौवंश को “काऊ कोट” पहनाने, अलाव जलाने और आश्रय स्थलों में तिरपाल लगाने की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा शेडों के भीतर पुआल बिछाकर पशुओं को गर्माहट देने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों की मौजूदगी में तय हुई शीतकालीन कार्ययोजना
बैठक में नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी नगर (पूर्वी), मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, शासकीय अस्पतालों के पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
श्जिलाधिकारी ने कहा कि जनता को ठंड से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से अपने कार्य पूरे करें।