diwali horizontal

लखनऊ में लोडर चालकों का विरोध प्रदर्शन, अवैध वसूली पर हंगामा

0 92

लखनऊ में लोडर चालकों का विरोध प्रदर्शन, अवैध वसूली पर हंगामा

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति के सदस्यों ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के आवास का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आवास से पहले ही रोक लिया, जिसके बाद नाराज चालकों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

अवैध वसूली और भारी जुर्माने का आरोप
लोडर चालकों ने सरकार और आरटीओ अधिकारियों पर अवैध वसूली और मनमाने ढंग से भारी जुर्माना लगाने का आरोप लगाया है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजीव जायसवाल का कहना है कि पूरे प्रदेश में लोडर चालकों से ट्रकों की एंट्री के नाम पर 2,000 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। जो चालक यह पैसा देते हैं उनके वाहन न तो रोके जाते हैं और न ही कोई चालान होता है।

राजीव जायसवाल ने बताया कि लोडर चालकों से एक बार में 22,000 रुपये का चालान वसूला जा रहा है, जो उनकी आय के मुकाबले बेहद अधिक है। उनका कहना है कि जुर्माना 1988 मोटर अधिनियम के आधार पर वसूला जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उत्तराखंड में यही जुर्माना 2,000 रुपये प्रति टन है, जबकि उत्तर प्रदेश में 22,000 रुपये लिया जा रहा है।

चालकों का कहना है कि अगर महीने में चार बार चालान हो जाए तो उन्हें करीब 2 लाख रुपये देने पड़ते हैं, जिसके बाद उनके पास वाहन की किस्त तक चुकाने के पैसे नहीं बचते।

आत्मदाह की चेतावनी
पुलिस द्वारा रोके जाने पर समिति सदस्यों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। चालकों ने आरोप लगाया कि वे नियमों का पालन करने के बावजूद वसूली न देने पर परेशान किए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और अवैध वसूली बंद नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री आवास के बाहर सामूहिक आत्मदाह करेंगे।

समिति का दावा है कि फैजाबाद, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और बाराबंकी समेत पूरे प्रदेश में आरटीओ द्वारा एंट्री के नाम पर वसूली की यह व्यवस्था लागू है। लोडर वाहन सब्जी, ब्रेड, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करते हैं, इसलिए चालकों ने इसे जनता से जुड़ा हुआ मुद्दा बताया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.