
44 भारतीय उमराह यात्रियों को जन्नतुल बकी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया
International News: सऊदी अरब में उमराह के लिए मक्का से मदीना जा रहे भारतीय तीर्थयात्रियों का सफर एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। बस दुर्घटना में *44 भारतीय नागरिकों की मौत* ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। तीन दिन तक चले पहचान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद शनिवार को सभी मृतकों को मदीना के *पवित्र जन्नतुल बकी कब्रिस्तान* में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
इस्लामी रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार
सभी मृतक तीर्थयात्रियों का अंतिम संस्कार पूरी तरह इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। दफन प्रक्रिया से पहले शवों को ग़ुस्ल दिया गया, कफ़न पहनाया गया और जन्नतुल बकी मस्जिद परिसर में नमाज़-ए-जनाज़ा अदा की गई।
भावनाओं से भरे माहौल में, ज़मीन पर बैठे परिजन और साथी यात्रियों की आंखें नम थीं।
भारत से उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार की ओर से एक *उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल* मदीना पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने:
* स्थानीय प्रशासन से मुलाकात की,
* दफन प्रक्रिया की निगरानी की,
* और मृतकों के परिजनों से संपर्क बनाए रखा।
भारतीय दूतावास की टीम ने पूरी प्रक्रिया में सऊदी अधिकारियों के साथ लगातार सहयोग किया।
कैसे हुआ हादसा?
दुर्घटना मक्का और मदीना को जोड़ने वाले हाईवे पर उस समय हुई जब उमराह यात्रियों से भरी बस का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज़ रफ्तार में पलट गई।
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक:
– बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे।
– ज्यादातर भारतीय नागरिक थे।
– 44 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
रेस्क्यू टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।
भारत में मातम, परिवारों में गहरा दुख
भारत के कई राज्यों—विशेषकर उत्तर प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र और तेलंगाना—में शोक की लहर दौड़ गई है। जिन परिवारों के लोग उमराह के लिए निकले थे, उन्हें हादसे की सूचना मिलने पर पूरे गांव में मातम फैल गया।
परिजनों ने सरकार से घायलों के इलाज, मुआवज़े और पूरी जांच की मांग की है।
सरकार ने जताया शोक, सहायता का भरोसा
भारत सरकार ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे हर प्रभावित परिवार को आवश्यक सहयोग देंगे और घायलों के इलाज की निगरानी कर रहे हैं।
जन्नतुल बकी में दफन होना विशेष माना जाता है
मदीना का जन्नतुल बकी दुनिया के सबसे पवित्र कब्रिस्तानों में से एक है, जहाँ महान इस्लामी हस्तियों के मकबरे हैं। वहां दफन होना मुसलमानों के लिए विशेष सौभाग्य माना जाता है।
मृतकों के परिजनों ने इस पर कहा—
दर्द बहुत बड़ा है, लेकिन इस पवित्र स्थान में दफन होना हमारे लिए सुकून भी देता है।
यह हादसा न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के मुस्लिम समुदाय के लिए एक गहरा सदमा है। उमराह यात्रा के दौरान हुई यह दुर्घटना कई परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए छीन ले गई।
मदीना में हुए अंतिम संस्कार के साथ अब सबकी नज़र इस बात पर है कि हादसे की जांच से क्या तथ्य सामने आते हैं और घायलों की स्थिति कैसी रहती है।