
सेवरही में नकली जिंक फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में सामग्री बरामद और परिसर सील
पडरौना, कुशीनगर: सेवरही क्षेत्र में नकली जिंक बनाने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। एक निर्माणाधीन मकान में चल रही इस अवैध फैक्ट्री पर जिला कृषि विभाग और पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली जिंक बनाने में प्रयोग होने वाली सामग्री और उपकरण बरामद किए हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
कैसे हुआ खुलासा?
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने बताया कि पुलिस से मिली सूचना के आधार पर सेवरही क्षेत्र में अवैध जिंक निर्माण की जानकारी प्राप्त हुई।
तमकुही रोड पर स्थित रविशंकर के निर्माणाधीन मकान में छापा मारने पर पता चला कि जून 2025 से अजय कुमार गुप्त (निवासी—राजपुर बगहा, थाना—सेवरही) ने यह मकान किराए पर लेकर नकली जिंक तैयार करने का धंधा शुरू कर रखा था।
मार्बल पाउडर, कलर और अन्य रसायनों को मिलाकर महंगे ब्रांड का नकली जिंक पैक कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।

मौके से क्या-क्या बरामद हुआ?
छापेमारी में नकली उर्वरक निर्माण में प्रयुक्त भारी मात्रा में सामग्री और उपकरण बरामद किए गए:
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सिलाई मशीन (कैनवास बैग क्लोजर) – 1
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पैकिंग मशीन – 4
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इलेक्ट्रिक पैकिंग मशीन
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पारस जिंक के 700 नकली पैकेट
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शक्तिमान जिंक – 314 पैकेट
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दयाल मोनो जिंक – 275 किग्रा
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जिंक खुला – 5 बैग
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एसएसपी (ग्रोमोर) – 3 बैग
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काला दाना – 13 बैग
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मार्बल पाउडर – 65 बैग
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साल्टेक्स सफेद दाना – 13 बैग
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खाली बोरे
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खाली नमक पैकेट (लगभग एक डीसीएम भर)
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वेट मशीन – 1
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फिनायल – 10 लीटर
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पारस जिंक के 1000 के करीब खाली रैपर
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दयाल जिंक के 1000+ खाली रैपर
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जिंक सल्फेट के 4 नमूने व एसएसपी उर्वरक का 1 नमूना
अवैध उर्वरक फैक्ट्री सील — आगे की कार्रवाई जारी
अवैध रूप से अपमिश्रित उर्वरक तैयार करना उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय अपराध है।
अधिकारियों ने मौके पर ही पूरे परिसर को सील कर दिया है। सुरक्षा और अभिरक्षा की जिम्मेदारी मकान मालिक रविशंकर प्रसाद को सौंपी गई है।
संबंधित विभाग द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।