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BBAU UIET रिश्वत मामला: ऑफिस असिस्टेंट को 4 साल कैद, CBI कोर्ट का बड़ा फैसला

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CBI स्पेशल कोर्ट का बड़ा फैसला: BBAU के ऑफिस असिस्टेंट को 4 साल की सजा, 30 हजार जुर्माना

लखनऊ में स्थित CBI की विशेष अदालत ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के UIET में तैनात रहे ऑफिस असिस्टेंट विजय कुमार द्विवेदी को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराते हुए 4 साल की कैद और 30,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह वही मामला है जिसमें CBI ने आरोपी को वर्ष 2017 में 50,000 रुपए की घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। करीब आठ वर्षों तक चले मुकदमे के बाद मंगलवार को न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।

कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
मामला UIET में कार्यरत एक कॉन्ट्रैक्चुअल असिस्टेंट प्रोफेसर की शिकायत से शुरू हुआ था। प्रोफेसर ने CBI को बताया था कि ऑफिस असिस्टेंट विजय कुमार द्विवेदी ने उनकी सेवा अवधि बढ़ाने के नाम पर 50,000 रुपए की मांग की थी। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी ने यह काम UIET के निदेशक के माध्यम से पूरा कराने का दावा किया था।

CBI ने शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपए लेते समय गिरफ्तार कर लिया। 2 जून 2017 को CBI ने इस मामले में केस दर्ज किया। मौके से बरामद रिश्वत की राशि और अन्य साक्ष्यों को अदालत ने महत्वपूर्ण सबूत के रूप में स्वीकार किया।

जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट, फिर लंबी सुनवाई
CBI ने विस्तृत जांच के बाद 1 अगस्त 2017 को चार्जशीट दायर की। इसके बाद लगभग आठ साल तक ट्रायल चलता रहा। अंतत: 9 दिसंबर 2025 को विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अपराध समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और भ्रष्टाचार पर रोक लग सके।

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