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बरेली में एमजेपीआरयू के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली डिग्री बेचने वाला गिरोह बेनकाब, एक गिरफ्तार

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बरेली में एमजेपीआरयू के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली डिग्री बेचने वाला गिरोह बेनकाब, एक गिरफ्तार

बरेली: बरेली में थाना बारादरी पुलिस और परिक्षेत्रीय साइबर थाना की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली डिग्रियां तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका एक साथी फरार बताया जा रहा है।

फर्जी वेबसाइट से फैलाया जा रहा था भ्रम

एमजेपीआरयू के कोऑर्डिनेटर डॉ. अख्तर हुसैन ने उच्चाधिकारियों को शिकायत दी थी कि विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट की नकल करते हुए www.mjpru.org.in नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनाई गई है।
इस वेबसाइट के माध्यम से विश्वविद्यालय से जुड़ी भ्रामक जानकारियां अपलोड कर छात्रों, अभिभावकों और आमजन को गुमराह किया जा रहा था, जिससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच रहा था।

मुकदमा दर्ज, तकनीकी जांच में मिले अहम सबूत

शिकायत के आधार पर थाना बारादरी में मुकदमा संख्या 1589/2025 धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की।
डोमेन प्रोवाइडर कंपनी होस्टिंगर से प्राप्त जानकारी में मोबाइल नंबर, भुगतान विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य सामने आए, जिससे पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।

आरोपी और कार्रवाई का विवरण

विवरण जानकारी
गिरफ्तार अभियुक्त सुजय राय
निवासी ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड
फरार अभियुक्त धर्मेंद्र कुमार
निवासी रामपुर
गिरफ्तारी स्थान एमजेपीआरयू वॉयज हॉस्टल के पास

लोकेशन के आधार पर संयुक्त टीम ने सुजय राय को गिरफ्तार कर लिया, जबकि धर्मेंद्र कुमार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

बरामदगी

बरामद सामग्री संख्या
मोबाइल फोन 1
लैपटॉप 1
एमजेपीआरयू के नाम से फर्जी डिग्री (छायाप्रति) 2

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह बीटेक पास है और दोनों ने मिलकर असली वेबसाइट की हूबहू नकल करते हुए फर्जी वेबसाइट तैयार की थी।

स्टूडेंट वीजा के नाम पर ठगी

आरोपियों का उद्देश्य विदेश जाने के इच्छुक युवाओं के लिए फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां बनाकर स्टूडेंट वीजा दिलवाना था।
वेरिफिकेशन के दौरान वे अपनी फर्जी वेबसाइट का यूआरएल देते थे, जिसे देखकर संबंधित संस्थाएं उसे असली वेबसाइट मान लेती थीं। इसी तरीके से आरोपी लोगों से मोटी रकम वसूलते थे।

कड़ी धाराओं में मुकदमा, तलाश जारी

पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और आईटी एक्ट की धारा 66C व 66D के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फरार अभियुक्त धर्मेंद्र कुमार की तलाश जारी है।

इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पाण्डेय (थाना बारादरी), निरीक्षक नीरज कुमार सिंह (प्रभारी साइबर थाना), उप निरीक्षक मनीष भारद्वाज, अंकित सिंह चौहान, गुरमीत सिंह तोमर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

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