
अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई क्यों चाहते हैं अमरीका से युद्ध?
IRAN-US Tension:ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने हाल ही में अमेरिका को लेकर एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और पश्चिमी देश ईरान के खिलाफ “बेसब्री” और “आक्रामक” रवैया दिखा रहे हैं। खामेनेई ने मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में यह सवाल उठाया कि आखिर अमेरिका इतना बेसब्र क्यों है और ईरान की कार्रवाईयों को क्यों समझ नहीं पा रहा।
उनके बयान में यह साफ किया गया कि ईरान अपने राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभुत्व की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अगर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई करता है, तो उसका जवाब ईरान पूरी ताकत से देगा।
विश्लेषकों का कहना है कि खामेनेई का यह रुख अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। ईरान ने पिछले कुछ सालों में अपने परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल क्षमताओं को तेज़ी से बढ़ाया है, और अब खामेनेई यह संदेश दे रहे हैं कि ईरान किसी भी सैन्य धमकी को नजरअंदाज नहीं करेगा।

अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही संबंध तनावपूर्ण हैं। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान की मिसाइल गतिविधियों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर कई बार चेतावनी दी है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि वह केवल अपनी रक्षा कर रहा है और कोई भी हमला करने पर जवाब देने के लिए तैयार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई का बयान केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश भी है। इसका मकसद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को यह दिखाना है कि ईरान किसी भी तरह के सैन्य दबाव में नहीं आएगा और क्षेत्रीय नीति में अपनी पकड़ बनाए रखेगा।
कुल मिलाकर, खामेनेई का रुख अमेरिका के लिए चेतावनी है, लेकिन सीधे युद्ध की संभावना फिलहाल कम दिखाई देती है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दृष्टिकोण से इसे तनावपूर्ण संदेश माना जा रहा है, जिससे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर असर पड़ सकता है।