
क्या ममता बनर्जी मारेंगी बाजी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की हलचल तेज हो चुकी है, और मुकाबला एक बार फिर बेहद दिलचस्प बनता जा रहा है। एक ओर हैं Mamata Banerjee की अगुवाई वाली All India Trinamool Congress यानी टीएमसी, और दूसरी तरफ है Bharatiya Janata Party यानी बीजेपी, जो इस बार सत्ता में वापसी का पूरा दम भर रही है।

पहले चरण के मतदान से पहले जो माहौल बन रहा है, उसमें ममता बनर्जी की पकड़ अभी भी मजबूत दिखाई दे रही है। ग्रामीण इलाकों में टीएमसी की जमीनी पकड़ और महिला वोटर्स के बीच लोकप्रियता एक बड़ा फैक्टर बन रही है। खासकर “लक्ष्मी भंडार” और अन्य सामाजिक योजनाओं ने टीएमसी के पक्ष में माहौल तैयार किया है। वहीं Mamata Banerjee खुद भी लगातार रैलियां कर रही हैं और बीजेपी पर बाहरी पार्टी होने का आरोप लगा रही हैं।
दूसरी तरफ, Bharatiya Janata Party ने भी इस बार अपनी रणनीति बदली है। लोकल नेताओं को आगे कर, और केंद्र सरकार की योजनाओं को मुद्दा बनाकर बीजेपी जनता को लुभाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का फोकस खासकर उन सीटों पर है जहां 2021 में उसे बढ़त मिली थी। लेकिन अंदरूनी गुटबाजी और संगठनात्मक कमजोरी अभी भी बीजेपी के लिए चुनौती बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पहले चरण में टीएमसी को हल्की बढ़त मिलती दिख रही है। खासकर मुस्लिम वोट बैंक और महिला मतदाताओं का झुकाव टीएमसी की ओर नजर आ रहा है। हालांकि बीजेपी शहरी क्षेत्रों और युवा वोटर्स में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं कहा जा सकता।

अगर सुरक्षा और चुनाव आयोग की व्यवस्था की बात करें, तो इस बार पहले चरण में कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके। Election Commission of India ने केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाई है, जिससे निष्पक्ष मतदान की उम्मीद की जा रही है

अब बड़ा सवाल यही है—क्या Mamata Banerjee एक बार फिर बाजी मारेंगी? फिलहाल के रुझान और जमीनी रिपोर्ट्स यही संकेत दे रहे हैं कि पहले चरण में टीएमसी का पलड़ा भारी है। लेकिन चुनाव लंबा है, और आगे के चरणों में समीकरण बदल भी सकते हैं