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शहीद आयतुल्लाह अली खामनेई की स्मृति में तंज़ीमुल मकातिब आयोजित करेगा दो दिवसीय सेमिनार

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लखनऊ। गोलागंज स्थित देश की प्रसिद्ध संस्था तंज़ीमुल मकातिब में आगामी 16 और 17 मई को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। यह सेमिनार इज़राइल के हमले में शहीद हुए आयतुल्लाह अली खामनेई के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित होगा संस्था के सचिव मौलाना सय्यद सफी हैदर ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। इस अवसर पर उनके साथ मौलाना सय्यद मुमताज़ जाफ़र और मौलाना तहज़ीबुल हसन भी मौजूद रहे।

सेमिनार की मुख्य विशेषताएं

मौलाना सफी हैदर ने बताया कि शहीद आयतुल्लाह की याद में देश-दुनिया में कई कार्यक्रम और मजालिस आयोजित हो रही हैं, लेकिन तंज़ीमुल मकातिब का यह कार्यक्रम अपनी तरह का अनूठा आयोजन होगा बहुआयामी चर्चा: सेमिनार में शहीद के जीवन के हर पहलू, उनके विचारों और मानवता के लिए उनके योगदान पर गहराई से रोशनी डाली जाएगी सर्वधर्म भागीदारी: कार्यक्रम की विशिष्टता यह है कि इसमें केवल उलमा ही नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, वरिष्ठ पत्रकार, बुद्धिजीवी और समाजसेवी भी हिस्सा लेंगे।

शामिल होने वाली प्रमुख हस्तियां

सेमिनार में देश की कई नामचीन शख्सियतों ने आने की स्वीकृति दे दी है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं धर्मगुरु मौलाना सय्यद कल्बे रूशैद, मौलाना कलीम अशरफ़ जाएसी, पंडित विजय शर्मा, सरदार परमजीत सिंह, भंते दीपांकर जी, महाराज सुशील जी, पास्टर शिबू थॉमस और सरदार प्रितपाल सिंह सलूजा।

बुद्धिजीवी व राजनेता: पूर्व जज बी.डी. नक़वी, सोशलिस्ट लीडर संदीप पाण्डेय, डॉ. सुनीलम, सय्यद आसिम वक़ार, कुर्बान अली और डॉ. कुलदीप भार्गव।शिक्षाविदद व पत्रकार: प्रोफेसर रमेश दीक्षित, प्रोफेसर नदीम अशरफ़, वरिष्ठ पत्रकार अशोक पाण्डे, डॉ. लक्ष्मण सिंह और डॉ. ग्रीश शर्मा विद्वान मौलाना सय्यद काज़िम मेंहदी, मौलाना सय्यद शाबिउल हसन और मौलाना शमीमुल हसन।

मौलाना सफी हैदर ने कहा कि इस सेमिनार के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक शहीद आयतुल्लाह के शांति और न्याय के संदेश को पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।

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