
हैदराबाद हिंसा का सबसे चौंकाने वाला VIDEO
HYDERABAD LIVE:हैदराबाद के गुदीमलकापुर इलाके से शनिवार देर रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। मवेशियों के परिवहन की अफवाह ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और दो गुट आमने-सामने आ गए। सड़क पर भारी पथराव हुआ, कंटेनर ट्रक को घेर लिया गया और इलाके में तनाव फैल गया। लेकिन इसी अफरा-तफरी के बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। AIMIM विधायक माजिद हुसैन अपनी जान की परवाह किए बिना उपद्रवी भीड़ के बीच पहुंचे और ट्रक चालक को सुरक्षित निकालने के लिए खुद ट्रक के फुटरेस्ट पर लटक गए। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हुआ और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि शनिवार रात कुछ लोगों को सूचना मिली कि एक कंटेनर ट्रक में मवेशियों को ले जाया जा रहा है। देखते ही देखते यह खबर इलाके में फैल गई और खुद को गौरक्षक बताने वाले कुछ लोग ट्रक के पीछे पड़ गए। गुदीमलकापुर इलाके में ट्रक को रोक लिया गया और उसके बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों की भीड़ जमा होने लगी, नारेबाजी शुरू हो गई और कुछ ही देर में हालात बेकाबू हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने ट्रक पर पथराव शुरू कर दिया और कंटेनर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
हालांकि बाद में जब कंटेनर की जांच की गई तो उसमें मवेशी नहीं बल्कि प्लाईवुड और कार्डबोर्ड का सामान मिला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रक में किसी भी प्रकार का पशु परिवहन नहीं हो रहा था। लेकिन इसके बावजूद भीड़ शांत नहीं हुई। ट्रक चालक के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इलाके में दहशत फैल गई और आसपास के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं।
घटना की जानकारी मिलते ही नामपल्ली से विधायक माजिद हुसैन मौके पर पहुंचे। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि माहौल बेहद तनावपूर्ण है, लोग पत्थर फेंक रहे हैं और ट्रक को चारों तरफ से घेरा गया है। इसी बीच माजिद हुसैन ट्रक के पास पहुंचते हैं और चालक को हिम्मत देते हुए खुद ट्रक के फुटरेस्ट पर लटक जाते हैं। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि वह भीड़ को हटाने की कोशिश कर रहे हैं और ट्रक को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। सोशल media पर लोग इस दृश्य को ‘फिल्मी स्टाइल रेस्क्यू’ बता रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय रहते विधायक मौके पर नहीं पहुंचते, तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। ट्रक चालक डरा हुआ था और भीड़ लगातार उग्र होती जा रही थी। इसी दौरान माजिद हुसैन ने जोखिम उठाकर ट्रक को वहां से निकलवाया। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि कई लोग पत्थरबाजी कर रहे हैं, लेकिन विधायक ट्रक के साथ बने रहते हैं और ड्राइवर को सुरक्षित रास्ता दिलाने की कोशिश करते हैं।
इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं का आरोप है कि पुलिस घटनास्थल पर मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बनी रही। मजलिस बचाओ तहरीक यानी MBT के प्रवक्ता अमजदुल्लाह खान ने आरोप लगाया कि अगर पुलिस समय रहते सख्त कार्रवाई करती तो हिंसा को रोका जा सकता था। उनका कहना है कि अफवाह फैलाने वालों और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं विधायक माजिद हुसैन ने भी प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिना किसी जांच के अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ा गया और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि जब कंटेनर में मवेशी थे ही नहीं, तब भीड़ को हिंसा करने की इजाजत कैसे दी गई? विधायक ने मांग की है कि पत्थरबाजी करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
घटना ऐसे समय पर हुई है जब बकरीद का त्योहार नजदीक है। त्योहार को देखते हुए हैदराबाद सहित पूरे तेलंगाना में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। लेकिन इस घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि अफवाहों के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है और सरकार को इस पर तुरंत नियंत्रण करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। कुछ लोग विधायक माजिद हुसैन की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर जांच में ट्रक से सिर्फ प्लाईवुड और कार्डबोर्ड मिला, तो फिर हिंसा क्यों हुई? वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि अफवाहों के आधार पर कानून हाथ में लेना समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और शांति बनाए रखें।
गुदीमलकापुर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर अफवाहें किस तरह कुछ ही मिनटों में हिंसा का रूप ले लेती हैं। एक गलत सूचना ने पूरे इलाके को तनाव में डाल दिया, सड़कें रणभूमि बन गईं और लोगों की जान खतरे में पड़ गई। लेकिन इसी अराजक माहौल में विधायक माजिद हुसैन का ट्रक के फुटरेस्ट पर लटककर चालक को बचाने वाला वीडियो अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।