
बकरीद से पहले गाय पर सियासत तेज: अरशद मदनी ने उठाई राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, राज्यों में बढ़ी सख्ती
बकरीद से पहले गाय पर सियासत तेज: अरशद मदनी ने उठाई राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, राज्यों में बढ़ी सख्ती
INDIA LIVE:बकरीद का त्योहार नज़दीक आते ही देश के कई राज्यों में गाय और पशु वध को लेकर राजनीति और प्रशासन दोनों एक्टिव मोड में दिखाई दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल से लेकर बिहार, असम और ओडिशा तक प्रशासनिक सख्ती बढ़ा दी गई है। खास तौर पर बीजेपी शासित राज्यों में अवैध पशु वध और गो-तस्करी को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। इसी बीच पश्चिम बंगाल में भी बड़ा राजनीतिक माहौल बन गया है, क्योंकि राज्य सरकार ने अब West Bengal Animal Slaughter Control Act, 1950 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद राज्य में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और कई जिलों में जांच अभियान शुरू कर दिए गए हैं।

बकरीद से पहले सरकारों की इस सक्रियता को लेकर विपक्ष और अलग-अलग संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। इसी बीच Maulana Arshad Madani ने एक बार फिर बड़ा बयान देकर बहस को और तेज कर दिया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सरकार से मांग की है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि गाय सिर्फ एक धर्म का विषय नहीं बल्कि देश की संस्कृति और किसानों की अर्थव्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है।
अरशद मदनी ने यह भी कहा कि इस्लाम में भी बेवजह किसी जानवर को तकलीफ देने की इजाजत नहीं है और देश में शांति और भाईचारे का माहौल बना रहना चाहिए। उन्होंने पहले भी कई मंचों से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई थी और अब बकरीद से ठीक पहले उनका यह बयान फिर चर्चा में आ गया है।

दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्ष आरोप लगा रहा है कि त्योहारों से पहले धार्मिक मुद्दों को जरूरत से ज्यादा राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।