
लखनऊ में 90 साल पुराना स्कूल बंद, छात्रों और अभिभावकों में चिंता की लहर
LUCKNOW LIVE: लखनऊ के हजरतगंज नरही में विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल की बिल्डिंग में ताला लगाए जाने का छात्र-छात्राओं ने शनिवार को विरोध किया। विद्यालय के बाहर बच्चों और टीचर्स ने नारेबाजी की। प्रिंसिपल ने कहा- स्कूल 90 साल पुराना है। इसमें सरकारी टीचर भी पढ़ा रहे थे। इसके बावजूद इसे बंद करा दिया गया। एक्शन से पहले कोई नोटिस भी नहीं दिया गया।
छात्र-छात्राओं और स्कूल के शिक्षकों का समर्थन करने सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा भी पहुंचे। उन्होंने कहा- इस स्कूल में बेटियां भी पढ़ती हैं। सरकार कहती है कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ। यहां स्कूल ही नहीं बच पा रहा है। कुछ भूमाफियाओं और गुंडों ने स्कूल का बोर्ड फेंककर ताला लगा दिया है। वहीं, बच्चों ने मुख्यमंत्री से अपनी पढ़ाई बचाने की गुजारिश की है।
पूरा मामला-
विद्यालय की प्रबंधक संतोष रस्तोगी के अनुसार, करीब 100 साल पहले विद्यालय की भूमि शिक्षा के उद्देश्य से दान में मिली थी। भूमिदाता के निधन के बाद कुछ लोग कथित रूप से फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हीं के कागजों पर एडीएम कोर्ट ने विद्यालय बंद करने का आदेश दिया।

4 जून को विद्यालय में पुलिस की मौजूदगी में ताला लगा दिया गया। आदेश के संबंध में विद्यालय प्रबंधन को कोई विधिवत नोटिस नहीं दिया गया और न ही उनकी आपत्तियों को सुना गया।
250 बच्चे पढ़ते हैं, 6 सरकारी टीचर पढ़ा रहे
स्कूल की कार्यवाहक प्रधान अध्यापिका रश्मि ने कहा- स्कूल में लगभग 250 बच्चे पढ़ते हैं। उनके तमाम कागजात रखे हुए थे। 90 सालों से स्कूल चल रहा है। हमारे पूर्व के शिक्षक, कर्मचारियों के तमाम कागजात थे, वो सब बर्बाद कर दिया गया। हमारे डॉक्यूमेंट के साथ छेड़छाड़ हुई। विद्यालय अभिलेख बहुत जरूरी होता है। बच्चों के जीवन से जुड़ा हुआ होता है।
किराये को लेकर विवाद पहले से चल रहा था, मगर इसका मतलब यह नहीं है कि हम सबको सीधे बाहर कर दिया जाएगा। हमारे निदेशक को इसकी सूचना देनी चाहिए और हम लोगों को भी कोई पूर्व में नोटिस नहीं मिला। ताला लगने के बाद हम सभी लोग परेशान हैं। हम अभिभावकों और बच्चों के सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे हैं।