
मांगों को लेकर सड़क पर उतरे संविदा बिजली , लकर्मचारीनऊ मेंख प्रदर्शन
LUCKNOW LIVE: लखनऊ में बुधवार को बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों का इको गार्डन में विरोध प्रदर्शन किया। अपनी मांगों को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि कर्मचारी विभिन्न जनपदों से चलकर लखनऊ आए, लेकिन ऊर्जा मंत्री नहीं मिले। अधिकारियों ने गुमराह किया।

‘शट डाउन की चेतावनी’
बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों ने मंगलवार को शक्ति भवन पर प्रदर्शन किया था। वहां से उन्हें हिरासत में लेकर इको गार्डन में लाया गया। उसके बाद संविदा कर्मी यहीं पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि फिलहाल यूपी के 75 जनपदों से 1-1, 2-2 कर्मचारी ही प्रदर्शन में शमिल हुए हैं। अगर जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो यूपी के 75 जनपदों से सभी कर्मचारी लखनऊ में धरना देने पर मजबूर होंगे। जरूरत पड़ी तो शटडाउन भी किया जा सकता है।

18 हजार वेतन की मांग
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन संविदा कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष सुरेंद्र पांडे ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं मगर सुनवाई नहीं हो रही। प्रबंधन से हमारी मांग है कि प्रत्येक संविदा कर्मचारियों को ₹18000 प्रतिमाह वेतन मिले। हमारे विभाग में जो पूर्व सैनिक काम करते हैं उन्हें ₹ 28000 प्रति माह वेतन मिलता है। हम लोगों को ₹ 10 हजार से ₹12 हजार मिल रहा है। जबकि हमारा लाइनमैन रिस्क के साथ काम करता है 440 वोल्ट और 11000 हजार की चलती हुई लाइन पर चढ़ता है।
30 संविदा कर्मचारियों की मौत का आरोप
सुरेन्द्र पांडेय ने कहा कि अगर हादसों की बात करें तो पूरे प्रदेश में विगत 30 दिनों में 56 हादसे हुए हैं। जिसमें 30 संविदा कर्मचारियों की मौत हो चुकी है बाकी 26 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हैं। किसी का हाथ – पैर कट गया किसी के शरीर का कोई अंग जख्मी हो गया। इन सबके बावजूद हमें मुनासिब वेतन नहीं मिल रहा। प्रबंधन कोई बात सुनने को तैयार नहीं। एमडी से जब हमारी वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि 28 करोड़ रुपए सुरक्षा उपकरणों के लिए दिया गया है। मगर हम कर्मचारियों को उपकरण के नाम पर सिर्फ एक हेलमेट दे दिया जाता है। हम लोगों को जो आश्वासन मिला है तय समय के अंदर वार्ता करके समस्या का समाधान नहीं होगा फिर रणनीति के तहत महा आंदोलन किया जाएगा।

‘30 हजार संविदा कर्मचारियों की छंटनी हुई’
संगठन के अध्यक्ष नकुल चौधरी ने बताया कि मौजूदा समय में बिजली विभाग के कर्मचारियों पर काम का लोड बढ़ता जा रहा है और संविदा कर्मियों की संख्या घट रही है। एक कर्मचारी को एक समय में कई काम करने पड़ते हैं । लोड अधिक बढ़ने से मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। कर्मचारी जिनकी मौत हो रही है उन्हें जो मुआवजा मिलना चाहिए वो भी नहीं मिल पा रहा है। 2023 से अब तक लगभग 30 हजार संविदा कर्मचारियों की छटनी की जा चुकी है। फिलहाल हमारी मांगने की सभी कर्मचारी की बहाल किया जाए।