
कफन लेकर संसद पहुंचे अखिलेश यादव, बोले- चुनाव आयोग को लेकर जताया था विरोध
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर अपनी पुरानी आपत्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय उन्हें लोकसभा में कफन लेकर जाना पड़ा था और उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी। उनकी यह टिप्पणी 2025 में मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के बाद हुए विवाद से जुड़ी थी।
दरअसल, मिल्कीपुर उपचुनाव के बाद समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इसी मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव ने फरवरी 2025 में चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि आयोग मर चुका है और उसे सफेद कपड़ा भेंट करना पड़ेगा। इसके बाद अखिलेश यादव सपा सांसदों के साथ संसद परिसर में सफेद कपड़े को प्रतीकात्मक ‘कफन’ के रूप में लेकर नजर आए थे।
समाजवादी पार्टी का आरोप था कि मिल्कीपुर उपचुनाव के दौरान फर्जी मतदान और पोलिंग एजेंटों को बूथ से बाहर किए जाने जैसी अनियमितताएं हुईं। पार्टी की ओर से इन आरोपों को लेकर निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी की गई थी।
इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अखिलेश यादव के बयान और कफन के प्रतीकात्मक इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। भाजपा नेताओं ने इसे चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के प्रति अनुचित टिप्पणी बताया था।
अब 23 सितंबर 2026 को अखिलेश यादव ने फिर उसी घटना का हवाला देते हुए चुनावों में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने आरोपों के संदर्भ में बिहार और बंगाल के चुनावों तथा उत्तर प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद चुनाव प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।