
गांवो के अंदर नाव की मदद से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री खाने-पीने के सामान और दवा के साथ बांटी जा रही सोलर लाइट
लखनऊ : बाढ़ की त्रासदी झेल रहे पीडि़तों के लिए बुधवार को भी एरा यूनिवर्सिटी की मदद जारी रही। भूख, प्यास और अंधरे की दिक्कतों से जूझ रहे लोगों तक नाव की मदद से टीम ने उनके दरवाजे तक खाने, पीने का सामान,दवा समेत सोलर लाइट वितरित की। जिसे पाकर उनके चेहरे चमक उठे। पीडि़तों ने नम आंखों से एरा यूनिवर्सिटी व एराज लखनऊ मेडिकल कॉलेज का शुक्रिया अदा किया। पिछले कई दिनों से एरा यूनिवर्सिटी की ओर से लड्डïू चौराहा, मामा कालोनी, दाउदपुर और सैथा सहित आधा दर्जन से अधिक गांव में बाढ़ से पीडि़त लोगों की मदद की जा रही है।

बुधवार की सुबह भी एरा विश्वविद्यालय की सहायता टीम सबसे पहले बरावन कलां के सैथा गांव पहुंची। यहां पर अब भी दर्जनों घर पानी में डूबे हुए है। यहां पर फंसे लोगों को अब भी सुबह से खाने पीने और जरूरत का सामान पहुंचने की आस रहती है। टीम ने नाव में दाल, चावल, पीने का पानी, मच्छर अगरबत्ती, बिस्कुट के पैकेट, सोलर लाइट व पका हुए खाने के पैकेट रख कर लोगों के दरवाजे तक पहुंचाए। इस मुश्किल समय में राहत सामग्री पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। सैथा गांव में रहने वाले प्रेम पाल ने बताया कि बाढ़ की बिजली कटी हुई है। रात होते ही अंधेरा छा जाता है। एरा यूनिवर्सिटी की ओर से सोलर लाइट मिलने से कम से कम एक कमरे में तो रोशनी रहेगी। इसके अलावा एरा की टीम ने पूरे गांव में पूड़ी-सब्जी के पैकेट भी वितरित किए। टीम में मोहम्मद तसव्वुर अली हाशमी एमएसडब्लू (आरएसटीसी), एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर हसरत अली के साथ मेडिकल टीम मौजूद रही।

अंकल मेरी बहन के लिए भी एक पैकेट दे
सैथा गांव में एरा यूनिवर्सिटी की ओर से सहायता पहुंचते ही लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई है। यहां पर टीम ने गांव में रहने वाले परिवार के सभी सदस्यों को पूड़ी सब्जी के पैकेट वितरित किए। यहां पर युवा, बुजुर्ग व महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे। भीड़ में पांच साल की एक मासूम बच्ची ने कहा कि अंकल घर मेरी बड़ी बहन भी है। क्या उसके लिए भी एक पैकेट पूड़ी-सब्जी का दे देंगे। बच्चे की मासूमियत भरी आवाज सुनते ही टीम के तसव्वुर अली उसे खाने का पैकेट समेत राशन व जरूरी सामान भी दिया।

गोमतीकुंज गांव के लिए मददगार बना एरा
सैथा गांव में बाढ़ पीडि़तों को मदद पहुंचने के बाद एरा यूनिवर्सिटी की टीम यही नहीं रूकी। उसकी अगली मंजिल बरावन कलां गांव में स्थित गोमती कुंज कालोनी थी। जहां पर जीवन भी रूका हुआ है। यहां रहने वाले लोग अब भी रोजमर्रा के जरूरी सामान के लिए मदद पर निर्भर है। टीम को जब यहां रहने वालों पीडि़तों की जानकारी मिली तो बिना देर किए वो नाव में जरूरी सामान रख कर लोगों के दरवाजे तक पहुंची। कालोनी में रहने वालों के हालात बहुत ही खराब है। पानी लोगों के घरों में घुसा हुआ है। जब एरा यूनिवर्सिटी की टीम जरूरी सामान लेकर नाव से उनके दरवाजे तक पहुंचा तो उनके चेहरे खिल उठे। टीम ने बाढ़ में फंसे जानवरों को भी बिस्कुट खिलाएं।

लगातार मदद से मिल रही लोगों को राहत
एरा यूनिवर्सिटी की ओर से बाढ़ पीडि़तों की पिछले कई दिनों से लगातार मदद की जा रही है। एरा यूनिवर्सिटी की ओर से उनको खाने-पीने के सामान के साथ-साथ जरूरी दवाईयां व ओआरएस भी वितरित किया जा रहा है। टीम द्वारा रविवार और सोमवार को भी बदनाम लड्डïू चौराहा, मामा कालोनी, दाउदपुर में बाढ़ से पीडि़त लोगों को मदद पहुंचाने का काम किया गया है। ये अभियान पिछले कई दिनों से चल रहा है।