diwali horizontal

अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात, मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने क्या कहा?

0 41

अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात, मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने क्या कहा?

UTTAR PRADESH LIVE: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुलाकात को लेकर काफी चर्चा हुई। अखिलेश यादव रामपुर पहुंचे और आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और अखिलेश यादव पर सवाल उठाए।

दरअसल, अक्टूबर 2025 में आजम खान के जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश यादव उनसे मिलने रामपुर पहुंचे थे। दोनों नेताओं की मुलाकात को समाजवादी पार्टी के अंदरूनी रिश्तों के लिहाज से अहम माना गया। लंबे समय बाद हुई इस मुलाकात में अखिलेश यादव ने आजम खान का हालचाल जाना और उनके साथ खड़े रहने की बात कही। इस मुलाकात पर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई।

लेकिन इस मुलाकात को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को आजम खान और उनके परिवार की याद पहले ही आ जानी चाहिए थी। मौलाना का कहना था कि अगर अखिलेश यादव पहले आजम खान और उनके परिवार के साथ खड़े होते, तो शायद उन्हें इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। उनके बयान के बाद इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।

वहीं, अखिलेश यादव की ओर से आजम खान के साथ समर्थन जताया गया। अखिलेश ने आजम खान को समाजवादी पार्टी का पुराना और अहम नेता बताया। उन्होंने कहा कि आजम खान का पार्टी के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है और पार्टी उनके साथ खड़ी है। इस मुलाकात को कुछ लोगों ने पार्टी के पुराने नेताओं के बीच संबंध मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा।

अब सवाल यह है कि क्या यह मुलाकात समाजवादी पार्टी के अंदर रिश्तों को और मजबूत करेगी? और मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी की नाराजगी के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा किस दिशा में जाएगी? फिलहाल इतना साफ है कि आजम खान, अखिलेश यादव और मुस्लिम समाज से जुड़े राजनीतिक सवाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

ऐसी ही उत्तर प्रदेश की बड़ी राजनीतिक खबरों को आसान भाषा में जानने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें। वीडियो पसंद आए तो लाइक करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.