diwali horizontal

सप्तक्रांति और श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा खत्म हुआ और किराया हुआ कम।

0 33

सप्तक्रांति और श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा खत्म हुआ और किराया हुआ कम।

नई दिल्ली/लखनऊ:  भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों को राहत देने की दिशा में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। नए साल 2027 से कई प्रमुख ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा समाप्त कर उन्हें सामान्य एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में संचालित करने की तैयारी है। इस सूची में सप्तक्रांति एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस जैसी चर्चित ट्रेनों के नाम भी सामने आए हैं। सुपरफास्ट श्रेणी समाप्त होने के बाद यात्रियों को टिकट पर लगने वाला अतिरिक्त सुपरफास्ट शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इससे यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।

1 जनवरी 2027 से लागू होगा बदलाव

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेलवे की नई व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से लागू करने की योजना है। इसके तहत संबंधित ट्रेनों के नंबर भी बदले जाएंगे। हालांकि, अलग-अलग ट्रेनों के नए नंबर लागू होने की तारीख में अंतर हो सकता है। यात्रियों को टिकट बुक करते समय नए नंबर की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

कितना सस्ता होगा ट्रेन का किराया?

सुपरफास्ट ट्रेनों में सामान्य किराये के अतिरिक्त सुपरफास्ट अधिभार भी लिया जाता है। दर्जा समाप्त होने के बाद यह शुल्क नहीं लगेगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अलग-अलग श्रेणियों में यात्रियों को निम्नलिखित राहत मिल सकती है:

  • स्लीपर क्लास में लगभग 30 रुपये की बचत।
  • थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और सेकंड एसी में लगभग 45 रुपये की बचत।
  • एसी चेयरकार में भी लगभग 45 रुपये की राहत।
  • फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास में अधिकतम 75 रुपये तक की बचत।

यह राहत प्रति टिकट लागू अतिरिक्त शुल्क के हटने से मिलेगी।

आखिर क्यों खत्म किया जा रहा सुपरफास्ट का दर्जा?

रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुसार, सुपरफास्ट श्रेणी के लिए ट्रेन की औसत गति कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए। रेलवे समय-समय पर ट्रेनों की औसत रफ्तार और परिचालन व्यवस्था की समीक्षा करता है। जिन ट्रेनों की औसत गति निर्धारित मानक से कम पाई जाती है, उनका सुपरफास्ट दर्जा वापस लिया जा सकता है।

रूट पर बढ़ते यातायात, अतिरिक्त स्टॉपेज, रेलवे ट्रैक पर दबाव और परिचालन संबंधी कारणों से ट्रेनों की औसत गति प्रभावित होती है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.