
गाजियाबाद में ‘हुनर हाट दिव्यांगजन दीपावली मेला’ का आयोजन, मंत्री नरेंद्र कश्यप ने किया शुभारंभ
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विकास भवन में आयोजित हुआ ‘हुनर हाट दिव्यांगजन दीपावली मेला’, दिव्यांगजनों के हस्तनिर्मित उत्पादों की हुई बिक्री, मंत्री नरेंद्र कश्यप ने किया शुभारंभ
गाजियाबाद, 7 नवंबर 2026: दिव्यांगजनों की प्रतिभा, हुनर एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज विकास भवन, गाजियाबाद में ‘हुनर हाट दिव्यांगजन दीपावली मेला’ का आयोजन किया गया। इस हुनर हाट का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन संस्था द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, गाजियाबाद के सहयोग से किया गया। मेले का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, श्री नरेंद्र कश्यप जी ने फीता काटकर किया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद श्री कुमार सौरभ एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी श्री अंशुल चौहान सहित विभिन्न दिव्यांग संस्थाओं के प्रतिनिधि, दिव्यांगजन एवं बड़ी संख्या में आगंतुक उपस्थित रहे।
मेले में विभिन्न दिव्यांग संस्थाओं एवं प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े दिव्यांग बच्चों एवं युवाओं द्वारा स्वयं तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई। इनमें मिट्टी के दीये, रंग-बिरंगी मोमबत्तियां, सजावटी मालाएं, लिफाफे तथा दीपावली के अवसर पर घरों एवं प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए विभिन्न प्रकार की आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं शामिल रहीं।
इस आयोजन में इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन, आनंदा ट्रेनिंग सेंटर, भागीरथ सेवा संस्थान, नीव शक्ति संस्थान एवं बचपन डे केयर, नोएडा सहित विभिन्न संस्थाओं ने सहभागिता की। इन संस्थाओं से जुड़े बौद्धिक दिव्यांगता (एमआर), श्रवण बाधित एवं अन्य श्रेणियों के दिव्यांग बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और मेहनत से तैयार किए गए उत्पादों को मेले में प्रदर्शित किया तथा उनकी बिक्री की।
माननीय मंत्री श्री नरेंद्र कश्यप जी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण, सम्मान एवं सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना भी है।
उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए दिव्यांग पेंशन योजना, कुष्ठावस्था पेंशन योजना, सहायक उपकरण वितरण योजना, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, यूडीआईडी कार्ड तथा शल्य चिकित्सा एवं कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
मंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में शासन-प्रशासन की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है तथा कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को सुरक्षित वातावरण मिले और वे बिना किसी भय के अपने अधिकारों एवं सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
उन्होंने दिव्यांग संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं तथा उनके हुनर को पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन करना चाहिए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं अन्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना, उनके कौशल एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा, परिश्रम एवं कौशल के बल पर समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने में पूर्णतः सक्षम हैं।