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स्वस्थ और खुशहाल परिवार के लिए मनाया गया खुशहाल परिवार दिवस

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उच्च जोखिम वाली महिलाओं , नव विवाहित दंपत्ति , योग्य दंपत्ति को किया गया जागरूक

बहराइच : महिला स्वस्थ रहे इसके लिए जरूरी है कि दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर हो । इसी को ध्यान में रखते हुये प्रत्येक माह की 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर सोमवार को उच्च जोखिम वाली महिलायेँ , नव विवाहित दंपत्ति , योग्य दंपत्ति को परिवार नियोजन की जानकारी के साथ उन्हे परिवार नियोजन के साधन उपलब्ध कराये गए

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार नियोजन के साधन उन महिलाओं के लिए और भी जरूरी है जिनका प्रसव अभी हाल ही में हुआ है और वह एनीमिक हैं। साथ ही ऐसी नव विवाहिता महिलाएं जिनकी उम्र 20 साल से कम है । इसके अलावा ऐसी महिलाएं जिनके 3 से अधिक बच्चे हैं। ऐसी सभी दंपत्ति को गर्भ निरोधक साधनों की जानकारी और उपलब्धता के लिए सोमवार को जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाईयों पर खुशहाल परिवार दिवस मनाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जन प्रतिनिधियों ने फीता काट कर खुशहाल परिवार दिवस का शुभारंभ किया। इसी क्रम में उप जिलाधिकारी नानपारा सूरज पटेल व नानपारा विधायक माधुरी वर्मा ने नानपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर फीता काट कर खुशहाल परिवार दिवस का शुभारंभ किया। इस मौके पर एसीएमओ डॉ अजीत चंद्रा , टीएसयू से जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ राम बरन यादव , जपाईगो से राकेश सिंह सहित सीएचसी अधीक्षक व आशा एएनएम, सीएचओ सहित सभी अधिकारी ,कर्मचारी मौजूद रहे

नोडल परिवार नियोजन एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ योगिता जैन ने बताया कि हमारे संसाधन सीमित हैं, ऐसे में आबादी को भी सीमित रखना बहुत ही जरूरी है । इसके अलावा दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए ताकि महिला का शरीर पूरी तरह से दूसरे गर्भधारण के लिए तैयार हो सके। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी व्यापक सुधार लायी जा सकती है । उन्होने बताया नव दंपत्ति को शादी के दो साल बाद ही बच्चे के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि पहले जरूरी है कि पति-पत्नी एक-दूसरे को अच्छी तरह से समझ लें, परिवार को समझें और अपने को आर्थिक रूप से इस काबिल बना लें कि अच्छी तरह से बच्चे का लालन-पालन कर सकें, तभी बच्चा पैदा करने की योजना बनाएं । इसके अलावा सभी महिलाओं को इस बात का अधिकार होना चाहिए कि कितने बच्चों को जन्म देना है क्योंकि उसके शरीर को ही गर्भ का बोझ व बच्चों को पालने –पोसने की जिम्मेदारी सहन करनी पड़ती है । साथ ही कहा कि पुरुषों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए स्वयं पहल करनी चाहिए

उन्होने बताया कि अनचाहे बच्चे न हों या दो बच्चों के बीच अंतर रखने में परिवार नियोजन साधनों की सबसे बड़ी भूमिका है। इसलिए सभी योग्य दंपत्ति को परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों की जानकारी होनी चाहिए । खुशहाल परिवार दिवस लोगों को परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों की जानकारी के साथ साधनों तक पहुँच बनाने का एक अवसर देता है । इसलिए इसमें सभी योग्य दंपत्ति को इस कार्यक्रम में भाग लेना चाहिए। इस अवसर पर आई हुईं सभी महिलाओं की एनीमिया की जांच, नव विवाहित महिलाओं को पहल किट के साथ ही योग्य दंपत्ति को उनके रुचि के अनुसार परिवार नियोजन के साधन उपलब्ध कराये गए ।

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