
लखनऊ : 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती है और इसे भारत में किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश के किसान पहले से ही विषम परिस्थितियों में अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी कल किसान दिवस के मौके पर नए कृषि कानून के विरोध में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन आयोजित कर रही है
अपने सर्कुलर में कांग्रेस पार्टी ने लिखा है कि
सरकार लंबे समय से किसान संगठनों के संघर्ष को नजरअंदाज कर रही है। इसलिए किसान दिवस के दिन कांग्रेस पार्टी ने सभी जनपदों में क्षेत्रीय सांसदों और विधायकों के घर पहुंच कर उन्हें कुम्भकरणीय नींद से जगाने के लिए ताली और थाली बजा कर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है
भाजपा सरकार के लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसानों का संघर्ष ऐतिहासिक है। दोनों सदनों में बिल पेश होने से लेकर अब तक देश में जगह जगह किसान विरोध कर रहे हैं। किसानों के इस संघर्ष में विपक्ष की तमाम क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियां अपना समर्थन और सहयोग पहुंचा रही हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाते हुए किसानों का साथ दिया है। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और नेता लगातार किसानों के हक के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और जेल जाने के सूरत में जेल भी जा रहे हैं
कोरोना और नए कृषि कानूनों के पहले से किसानों के लिए जमीन पर काम कर रही थी कांग्रेस किसानों के इस कानून के आने के पहले ही फरवरी 2020 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने ‘किसान जनजागरण अभियान’ शुरू किया था। इस अभियान के तहत कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लगभग साढ़े सात लाख किसान परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी थीं। इस पूरे अभियान में कांग्रेस ने किसानों के प्रति जैसी संवेदनशीलता दिखाई वो अतुलनीय है। ना तब नए कृषि कानून आए थे, ना ही महामारी और लॉकडाउन
भूमि अधिग्रहण के खिलाफ भी लड़ रही है कांग्रेस
सितंबर 2020 में योगी सरकार ने “विकास” दिखाने के लिए फैज़ाबाद में एयरपोर्ट और चौड़ी सड़कें चुनी, वो भी किसानों की भूमि की कीमत पर। फैज़ाबाद के किसान भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उनके इस प्रदर्शन को बल देने और अपनी भागीदारी तय करने अजय कुमार ‘लल्लू’ भी पहुंचे। इसके बाद योगी सरकार ने वही किया जो वो हमेशा करते हैं। लल्लू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्होंने 28 दिन जेल में बिताए
इसे संयोग कहिए या किस्मत लेकिन इस घटना के दौरान भी कृषि कानूनों के विरोध वाली बात ने इतनी तूल नहीं पकड़ी थी। अजय कुमार ‘लल्लू’ का जेल जाना किसानों के प्रति उनकी भावुकता और संवेदनशीलता का ही परिचायक है
उत्तर प्रदेश में किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने जगह-जगह रैलियां आयोजित की। इन रैलियों में उन्होंने खुल के किसानों का समर्थन किया, भाजपा सरकार से तीखे सवाल पूछे, जनता के बीच जनता बनकर सरकार का विरोध किया। अजय कुमार ‘लल्लू’ पंकज मलिक जी और इमरान मसूद जैसे बड़े नेता जनता के बीच पहुंचकर लगातार किसानों की हक की बात कर रहे हैं
दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन में भी अजय कुमार ‘लल्लू’ ने पहुंच कर समर्थन दिया और उनकी समस्याएं सुनीं
भारत बंद के दिन गिरफ्तार हुए कांग्रेस कार्यकर्ता
किसानों के आह्वान में कांग्रेस ने 8 दिसंबर को भारत बंद का पूरा समर्थन किया था। हर जिले में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को यूपी पुलिस ने सुबह सुबह ही नजरबंद कर दिया था जिसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर निकल कर गिरफ्तारियां दीं, जेल गए लेकिन किसानों के लिए आवाज़ उठाना बंद नहीं किया। जाहिर सी बात है यूपी सरकार और पुलिस को किसानों के हक में बात करने वालों से समस्या है, और वो भारतबंद के दिन स्पष्ट भी हुआ
इसी तरह 20 दिसंबर के दिन कांग्रेस ने किसानों के संघर्ष के समर्थन में भाजपा विधायकों और सांसदों के घरों का घेराव किया था। कांग्रेस पार्टी का लगातार किसानों के आंदोलन में इस तरह सक्रिय रहना सराहनीय है
आज के दौर में जहां सभी पार्टियां किसी भी सामाजिक आंदोलनों से बहुत दूर हो चुकी हैं, उसी समय कांग्रेस पार्टी वंचितों, किसानों, महिलाओं, दलितों की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाती नजर आती है। कांग्रेस पार्टी आगे भी किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।