
अमेठी : जिले के मुसाफिरखाना ब्लॉक परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान कृषि विभाग की ओर से किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके साथ ही वहाँ मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को भी सुना। इस दौरान कार्यक्रम में जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई, जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध भी जताया।
कार्ड बोर्ड पर चिपकाई गई थी पूर्व प्रधानमंत्री की फोटो
दरअसल 25 दिसंबर को पूरे देश में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसको लेकर मुसाफिरखाना ब्लॉक परिसर में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की फोटो को लेकर भाजपाइयों ने विरोध जताया। दरअसल कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी की जो फोटो रखी गई थी वो कार्ड बोर्ड पर चिपकाई गई थी, जो ब्लैक एंड वाइट थी। कार्यक्रम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसको लेकर विरोध जताया और काफी गहमागहमी दिख। इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं ने ये भी आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संबोधन को लोगों को सुनवाने के लिए एक एलईडी की भी व्यवस्था नहीं की गई थी। जिसके कारण लोगों को ऑडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री का उद्बोधन सुनाया गया। कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारों पर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से जिलाधिकारी से इसकी शिकायत भी की है।
बीडीओ ने कहा…
वहीं इस पूरे मामले में खंड विकास अधिकारी मुसाफिरखाना हरिकृष्ण मिश्रा ने कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि जहां तक फोटो की बात है, सभी फोटो की गुणवत्ता अलग-अलग होती है। हो सकता है इसकी गुणवत्ता थोड़ी खराब रही हो। एलईडी को लेकर किए गए सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण एलईडी पर प्रसारित होना था लेकिन किसी कारण वो आ नहीं सकी। जिस वजह से मोबाइल पर प्रधानमंत्री के उद्बोधन को लोगों को सुनाया गया।