
लखनऊ : गलन,कोहरा और शीतलहर की तिहरी मार झेल रहे उत्तर प्रदेश के निवासियों को और भी कष्ट झेलने पड सकते है। उत्तर प्रदेश में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी होने के पूर्वानुमान ने ठंड के तेवरों में तल्खी के आसार बढ़ा दिये हैं।
सहारनपुर,संभल समेत पश्चिम के कई इलाकों में शनिवार को सारा दिन बादल छाये रहे जबकि कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बूंदाबांदी होने से ठंड में इजाफा दर्ज किया गया,नतीजन सड़कों और बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में पश्चिम के कुछ जबकि पूरब के कुछ इलाकों में बौछारें पड़ने का अनुमान व्यक्त किया है। मौसम में आने वाला बदलाव पांच जनवरी तक बरकरार रहने की संभावना जतायी गयी है।
गलन और कोहरा के बीच AQI खतरनाक स्तर पर पंहुचा
कोहरा और गलन के बीच लगभग समूचे राज्य में वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर को पार कर चुका है। लोगों को सलाह दी गयी है कि वे ठंड से बचने के लिये पालीथीन और टायर जैसे रसायनिक तत्वों का इस्तेमाल न करें और घरों के खिड़की दरवाजों को दिन के वक्त हल्का खुला रखें।
आगरा,सहारनपुर,मुजफ्फर नगर,बरेली,संभल और मुरादाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में शाम ढलते ही पारा लुढ़क कर 15 से 16 डिग्री के बीच पहुंच जा रहा है, जो कि रात में और भी नीचे पहुंच जा रहा है। शाम छह बजे के करीब लखनऊ का तापमान 16 और कानपुर का 18 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रह रहा है।
बरेली राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा
पिछले 24 घंटो में बरेली राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया वहीं चुर्क में राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। इस दौरान लखनऊ,मुरादाबाद और झांसी मंडल में तापमान में मामूली बढोत्तरी दर्ज की गयी, वहीं रात में आगरा और कानपुर के तापमान में सुधार दर्ज किया गया।