
लखनऊ: हसनगंज और नाका में दो युवकों ने फंदे से झूलकर खुदकुशी कर ली. वहीं दूसरी ओर गोसाइगंज में पत्नी ने पति से विवाद के बाद फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली. गोसाईगंज जैसाना गांव निवासी किसान राजेन्द्र कुमार वर्मा का बेटा कुलदीप पेशे से मजदूर है. वो दिल्ली में मजदूरी करता है. पत्नी उमा (25) डेढ़ साल की बेटी खुशी के साथ गांव में ही दूसरे घर में रहती थी. उसका बीती एक जनवरी के दिन किसी बात को लेकर मोबाइल पर पति से झगड़ा हुआ था. फोन कटने के बाद वो नाराज होकर कमरे में सोने के लिए चली गयी. शनिवार को उसकी कोई आहट नहीं मिली. राजेन्द्र ने पोती खुशी के रोने की आवाज सुनी तो बहू के घर पहुंचे. वो बेड पर पड़ी चीख रही थी, कमरे में उमा का शव साड़ी के सहारे पंखे के हुक से लटका था. उन्होंने इसकी सूचना दिल्ली में बेटे को दी फिर पुलिस को बताया.
दूसरी ओर नेहरुबाग नाका निवासी निर्मल साहू (30) ने बीती शुक्रवार रात कमरे में लगे पंखे में दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली. वो घर मे अकेले रहते थे. पत्नी संगीता बेटे आदित्य व बेटी गोली के साथ दो वर्ष से मायके सिवान बिहार में रहती है. निर्मल को दिल की बीमारी थी. जिसके चलते वो डिप्रेशन में रहते थे. इसी के चलते आत्महत्या किये जाने की बात सामने आयी है. वो स्टोप व गैस चूल्हे की रिपेयरिंग का काम करते थे.
उधर, मसौली बाराबंकी के सुधीर कुमार सिंह हसनगंज के त्रिवेणीनगर में रहने वाले भवानी सिंह के मकान में किराये पर रहते हैं. वो बीएसए आफिस बाराबंकी में कर्मचारी हैं. उनका भाई सचिन कुमार सिंह (22) हफ्ते भर पहले गांव से आया था. उसने भाई के ड्यूटी जाने के बाद शुक्रवार को पंखे में बेल्ट व तोलिया के सहारे फांसी लगा ली. इसकी जानकारी पुलिस को तब हुई जब सुधीर ड्यूटी से घर पहुंचे. खुदकुशी के कारणों का पता नहीं चल सका है. मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. मौत के कारणों की जानकारी नहीं मिल सकी है. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है